इंडिगो संकट को लेकर सरकार पर बरसा विपक्ष।
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इंडिगो संकट पर डीजीसीए से लेकर संसद तक ने सख्त रुख अपनाया हुआ है। इस बीच इंडिगो के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) इसिड्रो पोरक्वेरास बुधवार को संसद पहुंचे। इसिड्रो पोरक्वेरास को संसदीय स्थायी समिति के सामने पेश हुए। इस बैठक में डीजीसीए के अधिकारियों और पायलट संगठनों के अधिकारियों को भी बुलाया गया था।
बैठक खत्म होने के बाद इंडिगो संकट को लेकर पूछे गए सवाल पर इसिड्रो पोरक्वेरास ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'माफ कीजिए। आज मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।' वहींस जदयू सांसद और परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष संजय झा ने कहा, 'हवाई अड्डों पर उड़ानों को लेकर गड़बड़ी हुई थी और आज इस पर विस्तृत जानकारी दी गई। पायलट संघ, एयरलाइन संचालकों और मंत्रालय ने भी विस्तृत जानकारियां दीं। हमने उनका पक्ष सुना है। हालांकि, जांच अभी जारी है। उसके बाद शायद हम फिर से बैठक करेंगे।'
देशभर में एक हफ्ते से ज्यादा तक इंडिगो की उड़ानों में व्यवधान से हजारों यात्रियों को कई समस्याओं से दो-चार होना पड़ा था। फिलहाल इंडिगो ने अपनी अधिकांश सेवाएं बहाल कर दी हैं। हालांकि, संसदीय स्थायी समिति ने इंडिगो संकट पर एयरलाइन के मुख्य परिचालन अधिकारी को नोटिस जारी कर पेश होने के लिए कहा था।
वहीं, संसद में एक राष्ट्र-एक चुनाव पर संयुक्त संसदीय समिति की भी बैठक बुधवार को होनी थी। इस बैठक में पहुंचे भाजपा सांसद और जेपीसी अध्यक्ष पीपी चौधरी ने कहा, 'एक राष्ट्र एक चुनाव का एक अहम पहलू यह है कि इसका देश की अर्थव्यवस्था पर कितना असर पड़ेगा, चाहे वह प्रत्यक्ष हो या अप्रत्यक्ष। इसलिए, इन सभी बातों पर हमें सदस्यों से स्पष्टीकरण मिलेगा।' उन्होंने कहा, 'गीता गोपीनाथ एक प्रख्यात अर्थशास्त्री हैं, संजीव सान्याल भी एक प्रख्यात अर्थशास्त्री होने के साथ-साथ प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य भी हैं। वे हमें स्पष्टीकरण समझने में मदद करेंगे। क्योंकि यह एक अहम पहलू है।'
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