आंध्र प्रदेश में तिरूमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड में
तेलुगुदेशम पार्टी की
विधायक वांगलपुडी अनीता को नियुक्त किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। एक कथित वीडियो में उनके खुद को ईसाई बताने के बाद भाजपा से जुड़े युवा मोर्चा ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजयुमो ने इसे मंदिर का अपवित्रीकरण करार देते विधायक को हटाने की मांग की है।
आंध्र की चंद्रबाबू नायडू सरकार ने शुक्रवार को पार्टी विधायक अनीता को बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया था। शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह खुद को ईसाई बता रही हैं। वीडियो में वह इंटरव्यू लेने वाले व्यक्ति को बताया रही हैं कि वह हमेशा अपने बैग और कार में बाइबिल रखती हैं। वह बिना बाइबिल के कहीं भी नहीं जाती हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एस विष्णुवर्धन रेड्डी ने कहा कि यह मंदिर को अपवित्र करने का कदम है। जो व्यक्ति खुद को ईसाई बता रहा है, उसे हिंदू मंदिर के बोर्ड में कैसे नियुक्त किया जा सकता है।
सरकार को उन्हें हटाना चाहिए। इससे पहले तिरुपति मंदिर बोर्ड में बिजनेसमैन पी. सुधाकर यादव को चेयरमैन नियुक्त किए जाने पर भी प्रश्न उठाए गए थे। कुछ हिंदूवादी संगठनों ने उनकी नियुक्ति का विरोध किया था। इन संगठनों का कहना था कि राज्य के वित्त मंत्री वाई रामकृष्णुडू के करीबी रिश्तेदार सुधाकर ने विभिन्न ईसाई कार्यक्रमों का प्रचार किया। हालांकि उन्होंने इन आरोपों को खारिज करते हुए खुद को हिंदू बताया था।