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Rahul Gandhi: राहुल मामले में अमेरिका के बाद जर्मनी के बयान पर घमासान;  भारत ने कहा-विदेशी दखल बर्दाश्त नहीं

Fri, 31 Mar 2023 05:35 AM IST
अभिषेक दीक्षित एजेंसी, नई दिल्ली

सार

जर्मनी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता ने कहा, जर्मनी ने आज तक कभी एक ही कानून और नियम के तहत अयोग्यता के पिछले 12 मामलों पर ध्यान नहीं दिया, उस समय कांग्रेस सत्ता में थी। उन्होंने जर्मनी से सवाल किया क्या राहुल गांधी खास हैं।
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राहुल गांधी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संसद सदस्यता छिनने पर जर्मनी की टिप्पणी को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। भारत ने स्पष्ट किया है कि देश के अंदरूनी मामलों में विदेशी दखल बर्दाश्त नहीं है।  वहीं, इस पर सियासत भी शुरू हो गई। जर्मनी ने भारत को सलाह देते हुए कहा कि इस मामले में न्यायिक स्वतंत्रता व मौलिक लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पालन होगा। इस पर, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया, भारत में कैसे राहुल को प्रताड़ित कर लोकतंत्र से समझौता किया जा रहा है, यह बात संज्ञान में लेने के लिए जर्मनी के विदेश मंत्रालय का शुक्रिया। 

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इस पर कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के लिए विदेशी शक्तियों को आमंत्रित करने के लिए राहुल को धन्यवाद। लेकिन, ध्यान रखें, विदेशी हस्तक्षेप भारतीय न्यायपालिका को प्रभावित नहीं कर सकता है। भारत अब विदेशी प्रभाव को और बर्दाश्त नहीं करेगा, क्योंकि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं 

राहुल को कानूनी लड़ाई में विश्वास नहीं
वहीं, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी देश के भीतर भारत की लोकतांत्रिक, राजनीतिक और कानूनी लड़ाई लड़ने में विश्वास नहीं करते हैं, इसलिए वो विदेशी ताकतों को हमारे आंतरिक मामले में हस्तक्षेप करने का न्योता देते हैं। वहीं, जर्मनी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता ने कहा, जर्मनी ने आज तक अयोग्यता के पिछले 12 मामलों पर ध्यान नहीं दिया, उस समय कांग्रेस सत्ता में थी। उन्होंने जर्मनी से सवाल किया क्या राहुल गांधी खास हैं?
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भारत ने जर्मनी से पूछा क्यों खास हैं राहुल
जर्मनी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता ने कहा, जर्मनी ने आज तक कभी एक ही कानून और नियम के तहत अयोग्यता के पिछले 12 मामलों पर ध्यान नहीं दिया, उस समय कांग्रेस सत्ता में थी। उन्होंने जर्मनी से सवाल किया क्या राहुल गांधी खास हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा, राहुल की अपील के बाद ऊपरी अदालत चाहे, जो भी विचार रखे। लेकिन फिलहाल उनकी अयोग्यता कानून, अदालती आदेश और लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर आधारित है।

कांग्रेस ने किया दिग्विजय के बयान से किनारा
दिग्विजय के बयान पर सियासी घमासान शुरू होते ही कांग्रेस ने बयान से किनारा कर लिया। डैमेज कंट्रोल करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी को इस बात का दृढ़ विश्वास है कि भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया लोकतंत्र को होने वाले किसी भी खतरे से निपटने में देश खुद सक्षम है। रमेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए उसपर अदाणी मुद्दे से लोगों का ध्यान बंटाने का आरोप लगाया।

भाजपा ने कांग्रेस को घेरा, कहा-बेहद शर्मनाक
दिग्विजय सिंह के इस ट्वीट को भाजपा ने शर्मनाक बताते हुए कहा कि वह भारत के आंतरिक मामलों दखल देने के लिए विदेशी ताकतों की मदद ले रहे हैं। भाजपा के आईटी विभाग प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, यह बेहद शर्मनाक है कि कांग्रेस विदेशी एजेंसियों से भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की मांग कर रही है। राहुल गांधी ने यूरोप जाकर अमेरिका के हस्तक्षेप की मांग की थी और अब दिग्विजय सिंह जर्मनी की अनर्गल टिप्पणी पर शुक्रिया अदा कर रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा, राहुल गांधी के मामले पर कांग्रेस जर्मनी और अमेरिका की टिप्पणियों का जश्न मना रही है, यह कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। भारतीय मतदाताओं ने इन्हें नकार दिया है।

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