कांग्रेस नेता ने पुलिस को क्या बयान दिया
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केरलम में मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन से जुड़े एक मामले ने राजनीतिक और पुलिस जांच का रूप ले लिया है। कांग्रेस नेता राजू पी. नायर ने शनिवार को पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराया। मामला एक मलयालम टीवी चैनल के प्रबंध निदेशक एंटो ऑगस्टिन की कथित टिप्पणियों से जुड़ा है। नायर ने सतीशन को बदनाम करने की कथित साजिश की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि ऑगस्टिन की ओर से सामने लाई गई जानकारी के पीछे दबाव बनाने की रणनीति हो सकती है।
क्या है पूरा मामला और सतीशन को लेकर क्या कहा गया था?
मामला उस वक्त सामने आया, जब रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी के प्रबंध निदेशक एंटो ऑगस्टिन ने दावा किया कि दो लोग उनके पास कुछ दस्तावेज लेकर आए थे। इन दस्तावेजों को कथित तौर पर सतीशन की दूसरी शादी से जुड़ा बताया गया था। बाद में इन दस्तावेजों के फर्जी होने का आरोप लगाया गया। इसी आधार पर कांग्रेस नेता राजू पी. नायर ने शिकायत देकर सतीशन को बदनाम करने की कथित साजिश की जांच की मांग की। उनकी शिकायत पर तिरुवनंतपुरम सिटी साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। बाद में मामले को यहां के कलामस्सेरी पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित कर दिया गया।
पुलिस के सामने राजू पी. नायर ने क्या बयान दिया?
राजू पी. नायर शनिवार सुबह पुलिस स्टेशन पहुंचे और अपना बयान दर्ज कराया। बयान देने के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने पुलिस के सामने अपनी आशंका रखी है कि यह खुलासा दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि इसके पीछे की साजिश की जांच होनी चाहिए। नायर ने यह भी कहा कि अगर एंटो ऑगस्टिन को भरोसा था कि उनके पास पहुंचे दस्तावेज फर्जी हैं, तो उन्हें इसकी जानकारी पुलिस को देनी चाहिए थी। उनके मुताबिक इसी वजह से उन्हें इस खुलासे के पीछे साजिश का शक है।
अर्जेंटीना और लियोनल मेसी वाले मामले से इसका क्या संबंध बताया गया?
नायर ने इस पूरे घटनाक्रम को उस समय से जोड़कर देखा है, जब रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी की ओर से प्रायोजित अर्जेंटीना और स्टार खिलाड़ी लियोनल मेसी की फुटबॉल मैच की मेजबानी का प्रयास विफल हो गया था। इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया था। नायर का कहना है कि ऑगस्टिन की टिप्पणियां एसआईटी बनने के बाद सामने आईं। इसी क्रम को देखते हुए उन्होंने पुलिस के सामने इस बात की आशंका जताई कि मुख्यमंत्री को बदनाम करने के लिए किसी दबाव की रणनीति का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।
एंटो ऑगस्टिन के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई और उन्होंने क्या कहा?
एंटो ऑगस्टिन को एक एसआईटी छापे के दौरान वायनाड के एक घर में तय सीमा से अधिक शराब मिलने के बाद आबकारी अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था। हालांकि, ऑगस्टिन ने दावा किया कि जिस घर से शराब बरामद की गई, वह उनका नहीं था। फिलहाल राजू पी. नायर की शिकायत और उनके बयान के आधार पर कथित साजिश की जांच का मुद्दा सामने आया है। नायर ने पुलिस से पूरे मामले की पड़ताल करने की मांग की है। मामले में मुख्य सवाल यह है कि सतीशन से जुड़े बताए गए दस्तावेजों को सामने लाने के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और क्या यह किसी तरह की दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा था।