भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के सीमावर्ती इलाकों में अतिक्रमण और अवैध प्रवासियों पर बीएसएफ की पैनी नजर रहेगी। बॉर्डर के जिन हिस्सों पर बाड़ लगाई जा रही है, उसमें तेजी लाई जाएगी। सीमा-पार के अपराधों और तस्करी से निपटने के लिए बीएसएफ के जवान और अधिकारी, अन्य कानून लागू करने वाली एजेंसियों एवं नागरिक प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल के साथ काम करेंगे। सीमा सुरक्षा बल के डीजी प्रवीण कुमार ने कोलकाता में आयोजित दो दिवसीय 'बीएसएफ' फ्रंटियर्स के वरिष्ठ अधिकारियों की कॉन्फ्रेंस में यह बात कही है।
सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने 17 और 18 सितंबर को हुई इस कॉन्फ्रेंस में भारत-बांग्लादेश सीमा के 'प्रबंधन' और 'सुरक्षा' की समीक्षा की है। इस कॉन्फ्रेंस में जमीन अधिग्रहण के लंबित मामलों, सीमा पर बाड़ लगाने और सीमा-पार तस्करी जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। डीजी बीएसएफ ने उन चिह्नित इलाकों में बाड़ लगाने का काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं, जहां अभी बाड़ नहीं लगी है। उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में अतिक्रमण और अवैध प्रवासियों के रहने के मुद्दों पर भी जोर दिया।
सीमा-पार अपराधों और तस्करी से निपटने के लिए, डीजी प्रवीण कुमार ने अन्य कानून लागू करने वाली एजेंसियों और नागरिक प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बॉर्डर एरिया के जिला पुलिस अधीक्षकों और राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलनों में यह बात कह चुके हैं कि सीमावर्ती इलाकों में असामान्य कारणों और घुसपैठ के कारण होने वाली अप्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में असामान्य जनसंख्या वृद्धि का एक बड़ा कारण घुसपैठ है। यह वहां की जनसांख्यिकी में बदलाव की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। इसके साथ सख्ती से निपटना होगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाले ऐसे बदलावों और अवैध गतिविधियों की रिपोर्ट, सीमा सुरक्षा बल और लोकल प्रशासन आपसी समन्वय से तैयार करे। शाह ने कहा था कि केंद्र सरकार, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पास अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
डीजी बीएसएफ ने कॉन्फ्रेंस में कहा, 2029 तक 'नशा मुक्त भारत', यह सरकार का विजन है। एक फोर्स के तौर पर बीएसएफ को यह ज़िम्मेदारी उठानी होगी। इस दिशा में समर्पित और समन्वित प्रयासों से निश्चित रूप से ऐसे राष्ट्र-विरोधी कामों में शामिल आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने व उसे बेअसर करने में सकारात्मक नतीजे मिलेंगे। 'घुसपैठ', फैंसिंग और बांग्लादेश में 'भारतीय विद्रोही समूह', ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर बीएसएफ को चौकस रहना होगा।
डीजी ने अपने अफसरों से कहा कि वे बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा बीएसएफ कर्मियों और भारतीय नागरिकों पर हमलों की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाएं। बांग्लादेश में भारतीय विद्रोही समूहों (आईआईजी) के खिलाफ कार्रवाई, सीमा अवसंरचना से संबंधित मुद्दे, और विश्वास निर्माण उपाय (सीबीएम) जैसे मुद्दे, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के साथ होने वाली बैठकों में उठाए जाते रहेंगे।