आईएएस पूजा खेडकर के माता-पिता पर कसा शिकंजा
- फोटो : AMAR UJALA
महाराष्ट्र की ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर इन दिनों चर्चा में हैं। उनकी नियुक्ति सवालों के घेरे में है जिस की जांच के लिए केंद्र सरकार ने समिति गठित की है। 11 जुलाई को गठित यह समिति 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। मंगलवार को आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी ट्रेनिंग रद्द कर दी गई।
पूजा का विवाद थमा नहीं था कि उनके माता-पिता भी मुश्किल में फंस गए हैं। महाराष्ट्र पुलिस की कई टीमें पूजा की मां मनोरमा खेडकर और पिता दिलीप खेडकर की तलाश में हैं। हाल ही में मनोरमा का पिस्तौल लेकर किसानों पर धमकाने का वीडियो वायरल हुआ था जिसके बाद उन पर केस दर्ज किया गया था। अब राज्य की पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला ने इस मामले की रिपोर्ट तलब की है।
आइये जानते हैं कि पूजा खेडकर के बाद उनके माता-पिता का विवाद क्या है? दिलीप खेडकर और मनोरमा खेडकर पर क्या आरोप लगे हैं? पुलिस ने मामले में क्या कार्रवाई की है?
आईएएस पूजा खेडकर
- फोटो : AMAR UJALA
पूजा खेडकर के बाद उनके माता-पिता का विवाद क्या है?
पिछले दिनों
पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो क्लिप में उनकी मां को बंदूक लहराते हुए और भूमि विवाद के एक मामले में पुणे के एक किसान को धमकाते हुए दिखाया गया था।
दो मिनट के वीडियो में मनोरमा बाउंसरों के साथ दिखी थीं और पुणे के मुलशी तहसील में एक जमीन के मालिकाना हक को लेकर किसान से बहस करती हुई दिखाई दी थीं। वीडियो में मनोरमा मराठी में उस व्यक्ति पर चिल्लाते हुए सुनाई दे रही हैं, 'मुझे भूमि अभिलेख दिखाओ। इस भूमि के दस्तावेज पर मेरा नाम है।' हालांकि व्यक्ति ने विरोध करते हुए कहा कि भूमि का यह टुकड़ा उसके नाम पर है। मामला कोर्ट में है।' इस पर मनोरमा उस व्यक्ति को चेतावनी देती सुनाई देती हैं कि वह उन्हें नियम न सिखाए।
स्थानीय मीडिया के अनुसार आरोप है कि पूजा के पिता, दिलीप खेडकर ने करोड़ों की संपत्ति अर्जित की और पुणे के मुलशी तालुका में 25 एकड़ सहित कई स्थानों पर जमीन खरीदी।
आईएएस पूजा खेडकर
- फोटो : AMAR UJALA
मामले में पुलिस ने क्या कदम उठाए?
अब पूजा के सवालों के घेरे में आने के बाद पुणे ग्रामीण पुलिस ने वीडियो क्लिप की जांच करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने एक बयान में कहा था कि उन्होंने क्लिप का संज्ञान लिया है और मामले के तथ्यों का पता लगा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा था कि वे जांच करेंगे कि मनोरमा के पास बंदूक रखने का लाइसेंस है या नहीं।
पूजा खेडकर विवाद पर ये भी पढ़ें
ट्रेनी IAS पूजा को लेकर क्यों मचा बवाल?: नियुक्ति से लेकर ऑडी कार तक विवादों में, जानें अब तक क्या-क्या हुआ
Ex-IAS Abhishek Singh: पूजा खेडकर के बाद पूर्व आईएएस अभिषेक सिंह क्यों चर्चा में? फिल्मों में भी कर चुके काम
वीडियो की जांच करने के बाद पुणे ग्रामीण पुलिस ने मनोरमा और उनके पति दिलीप खेडकर के अलावा पांच अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। पौड पुलिस स्टेशन में आयुध अधिनियम सहित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 323 (बेईमानी या धोखाधड़ी से संपत्ति हटाना या छिपाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अभी इस मामले में क्या हो रहा है?
मामला दर्ज करने के बाद पुलिस पूजा के माता-पिता की तलाश कर रही है। एक अधिकारी ने बताया कि पुणे ग्रामीण पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ एक टीम शहर के बानेर रोड स्थित मनोरमा के बंगले का दौरा किया लेकिन उनका पता नहीं चल पाया है।
रविवार और सोमवार को ग्रामीण पुलिस की एक टीम बंगले में दाखिल हुई, लेकिन घर से किसी ने उन्हें जवाब नहीं दिया। अब इस बंगले पर एक बड़ा सा ताला लगा दिया गया है। पुलिस ने बताया, 'हम उनकी तलाश कर रहे हैं। उनके मोबाइल भी बंद हैं। पता चलने पर हम कानूनी कार्रवाई करेंगे। जो अपराध हुआ है उसके बारे में हम उनसे कुछ सवाल पूछेंगे। कुल सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उनमें से कुछ के मोबाइल नंबर हमारे पास नहीं हैं। उन सभी की तलाश की जा रही है।'
पूजा के माता-पिता की मुश्किलें यहीं नहीं रुकने वाली हैं। अब इस पूरे मामले पर राज्य की डीजीपी रश्मि शुक्ला ने रिपोर्ट मांगी है। निजी वाहनों पर लाल-नीली बत्ती के इस्तेमाल और पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर द्वारा किसानों को पिस्तौल दिखाकर धमकाने के मामले में रश्मि शुक्ला ने स्थानीय पुलिस से रिपोर्ट तलब की है।
आरोपों पर पूजा के माता-पिता ने क्या कहा है?
अपने ऊपर लगे आरोपों पर पूजा के माता-पिता ने अभी कुछ टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, मनोरमा के वकील ने दावा किया है कि उनके पास बंदूक है और उन्होंने बहस वाले दिन अपनी 'सुरक्षा' के लिए इसे अपने साथ रखा था।
आईएएस पूजा खेडकर
- फोटो : अमर उजाला
पूजा खेडकर का विवाद क्या है?
प्रशिक्षु अधिकारी पूजा खेडकर हाल के दिनों में अपनी मांगों और कारनामों को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। दरअसल, पूजा पर पुणे में बतौर प्रोबेशन आईएएस अधिकारी रहते हुए अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप लगा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पूजा ने अपनी नियुक्ति के बाद ही तरह-तरह की सुविधाएं मांगनी शुरू कर दीं की, जो प्रशिक्षु अधिकारियों को नहीं मिलती हैं। इतना ही नहीं पूजा ने अपनी निजी ऑडी कर पर लाल-नीली बत्ती लगा दी। ऑडी कार पर विवाद होने पर उनका वाशिम तबादला कर दिया गया। इस विवाद के बीच मंगलवार को पूजा खेडकर को महाराष्ट्र सरकार के जिला प्रशिक्षण कार्यक्रम से भी मुक्त कर दिया गया। इस बारे में अतिरिक्त मुख्य सचिव (पी) नितिन गद्रे ने एक पत्र में लिखा, 'लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी एलबीएसएनएए, मसूरी ने आपके (पूजा खेडकर) जिला प्रशिक्षण कार्यक्रम को स्थगित रखने और आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए आपको तुरंत वापस बुलाने का फैसला किया है।'
पूजा पर पुणे में बतौर प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी रहते हुए शक्तियों के दुरुपयोग का भी आरोप है। इसके अलावा पूजा की नियुक्ति को लेकर तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं। अब इस मामले में केंद्र ने जांच बैठा दी है। विवाद में फंसी पूजा खेडकर ने अपने लगे आरोपें पर जवाब दिया है। पूजा ने कहा, 'मुझे दोषी साबित करने के लिए मीडिया ट्रायल गलत है। मैं विशेषज्ञ समिति के सामने गवाही दूंगी और समिति के निर्णय को स्वीकार करूंगी'। उन्होंने कहा, 'मेरी जो भी दलील है, मैं उसे समिति के सामने रखूंगी और सच्चाई सामने आ जाएगी।'