पूर्व आईएएस अधिकारी व एक्टिविस्ट हर्ष मंदर की एक कहानी कक्षा नवीं की पाठ्य पुस्तक में शामिल करने को लेकर विवाद छिड़ गया है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने इसे लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) से जवाब मांगा है। हर्ष मंदर पूर्व आईएएस अधिकारी हैं और एक बाल संरक्षण केंद्र (child home) चलाने के मामले में उनके खिलाफ ईडी की जांच चल रही है।
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एनसीईआरटी को लिखे एक पत्र में एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने कहा है कि आयोग को कक्षा नवीं की अंग्रेजी पुस्तक 'मोमेंट्स' में शामिल 'वेदरिंग द स्टॉर्म इन एर्सामा' शीर्षक वाली एक कहानी को लेकर शिकायत मिली है। अन्य प्रसिद्ध साहित्यकारों व लेखकों की रचनाओं के साथ हर्ष मंदर की इस कहानी को भी पाठ्य पुस्तक में शामिल किया गया है।
आयोग को यह है आपत्ति
आयोग ने पत्र में कहा है कि दो अन्य कहानियों 'ए होम आन द स्ट्रीट' और 'पेइंग फॉर हिज टी' को लेकर भी शिकायत मिली है। एनसीपीसीआर का कहना है कि इन कहानियों को देश में बाल संरक्षण के परिदृश्य का बगैर सत्यापन किए पाठ्य पुस्तक में शामिल किया गया है। आयोग ने इस पर परिषद से एक सप्ताह में जवाब देने को कहा है। आयोग को मिली शिकायत में कहा गया है कि जिस व्यक्ति की एक बाल संरक्षण केंद्र चलाने के मामले में ईडी जांच कर रहा है और जिसमें वह आरोपी है, उसकी कहानी पुस्तक में क्यों शामिल की गई? एनसीईआरटी से जवाब मांगने के साथ ही मामले में उचित कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।