फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रकम कम नहीं, फिर भी चंदे से हुआ अंतिम संस्कार

Thu, 17 Nov 2016 06:32 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, हल्दौर (बिजनौर) 
विज्ञापन
- फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
जंग लगी व्यवस्था के कारण आम-आदमी को रोज परेशानियों से दो-चार होना पड़ता है। पांच सौ और एक हजार के नोट बंद होने के बाद विषम स्थितियां उत्पन्न हो गई है। गांव पैजनियां में एक परिवार के पास फुटकर नहीं होने के कारण विवाहिता के अंतिम संस्कार के लिए सामग्री नहीं मिल पाया। दुकानदारों ने 500 और एक हजार के नोट के बदले सुईं और धागा तक देने से मना कर दिया। बाद में ग्रामीणों ने चंदा एकत्र कर सामग्री खरीदी और महिला का अंतिम संस्कार किया।
विज्ञापन


चार दिन पूर्व गांव पैजनियां निवासी संतू सिंह की पत्नी कमला देवी (40) बाइक से गिरकर घायल हो गईं थी। उनके सिर में चोट आई थी। महिला को नाजुक हालत में मेरठ ले जाया गया था। मेरठ में उपचार के दौरान मंगलवार रात करीब 12 बजे कमला देवी की मौत हो गई। रात में ही ढाई बजे कमला देवी का शव गांव आ गया। बुधवार सुबह जब परिजन 500 और एक हजार के नोट लेकर क्रियाकर्म की सामग्री लेने नूरपुर गए, तो वहां दुकानदारों ने उनको सामान देने से मना कर दिया।

इस पर परिजन गांव लौट आए। मृतक महिला के पति संतू सिंह के मुताबिक गांव में सभी ने मिलकर 10, 20, 50 व 100 रुपये के नोट चंदा के रूप में एकत्र किए।  फिर से नूरपुर जाकर क्रियाकर्म की सामग्री खरीदी। समय से सामान नहीं मिलने से कमला देवी का शव घर में ही चार-पांच घंटे तक रखा रहा। ग्रामीणों के मुताबिक बड़े नोटों का चलन बंद होने से आमजन को परेशानी तो हुई है। हालांकि जनता के  सहयोग से ही भ्रष्टाचार व कालेधन के विरोध में चलाए गए अभियान को पूरा करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें