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ISRO: इसरो के नए लॉन्च पैड के निर्माण ने पकड़ी तेजी, वी नारायणन बोले- 2027 में प्रक्षेपित होगा पहला एसएसएलवी

Mon, 17 Mar 2025 08:13 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

इसरो अध्यक्ष वी नारायणन ने कहा कि कुलसेकरपट्टिनम अंतरिक्ष केंद्र से 2027 में लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) के साथ पहला प्रक्षेपण होगा। उन्होंने कहा कि कुलसेकरपट्टिनम आंध्र प्रदेश स्थित श्रीहरिकोटा के बाद इसरो का दूसरा प्रक्षेपण परिसर है। इसरो एसएसएलवी से 500 किलोग्राम तक के ध्रुवीय प्रक्षेपणों को प्रक्षेपित करेगा और इसमें भारतीय उद्योग शामिल होंगे। 
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डॉ. वी. नारायणन? - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चेन्नई से लगभग 600 किमी दूर तमिलनाडु के कुलसेकरपट्टिनम में बन रहे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के नए लॉन्च पैड के निर्माण ने तेजी पकड़ ली है। इसरो अध्यक्ष वी नारायणन ने कहा कि कुलसेकरपट्टिनम अंतरिक्ष केंद्र से 2027 में लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) के साथ पहला प्रक्षेपण होगा। 

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उन्होंने कहा कि कुलसेकरपट्टिनम आंध्र प्रदेश स्थित श्रीहरिकोटा के बाद इसरो का दूसरा प्रक्षेपण परिसर है। इसरो एसएसएलवी से 500 किलोग्राम तक के ध्रुवीय प्रक्षेपणों को प्रक्षेपित करेगा और इसमें भारतीय उद्योग शामिल होंगे। 

यह भी पढ़ें: चंद्रयान के तीसरे चरण से कितना अलग चंद्रयान-5, कैसे चांद पर इंसानों को भेजने का आधार बनेगा?
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास में नए शोध केंद्र का उद्घाटन करने के बाद नारायणन ने कहा कि 24 महीने में कुलसेकरपट्टिनम में प्रक्षेपण के लिए सभी सुविधाएं चालू हो जाएंगी। पहला प्रक्षेपण दो साल में होगा। यह मत सोचिए कि यह आकार में छोटा होगा। यह 500 किलोग्राम का उपग्रह होगा। आईआईटी मद्रास ने कहा कि नया शोध केंद्र से भारत अंतरिक्ष अनुप्रयोगों के लिए तापीय विज्ञान अनुसंधान में अग्रणी बन जाएगा। 

नारायणन ने कहा कि नया केंद्र देश के विकास में बहुत योगदान देगा। चाहे वह रॉकेट लॉन्च वाहन हो या उपग्रह, थर्मल और द्रव प्रवाह बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के दौरान इसरो ने कई प्रक्षेपणों की योजना बनाई है। इनमें अमेरिका का एक वाणिज्यिक उपग्रह जीएसएलवी तथा गगनयान मिशन के तहत मानव सहित मानव रहित परीक्षण मिशन शामिल हैं।
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चंद्रयान 5 मिशन को मिली मंजूरी
इससे पहले इसरो प्रमुख वी नारायणन ने बताया कि केंद्र सरकार ने चंद्रयान-5 मिशन को मंजूरी दे दी है। चंद्रयान-5 मिशन के जरिए इसरो चांद का अध्ययन करेगा। इसरो के एक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में वी नारायणन ने बताया कि चंद्रयान-3 मिशन में 25 किलो के रोवर प्रज्ञान को चांद पर भेजा गया था, वहीं चंद्रयान-5 मिशन में 250 किलो के रोवर को चांद की सतह पर उतारा जाएगा। 

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