संविधान हमारे लिए भगवद गीता, बाइबिल या कुरान की तरह है और अगर समाज को उसके सिद्धांतों के अनुसार आकार देना है, तो हर हितधारक को खुश और संतुष्ट किया जाना चाहिए। भाजपा इस दिशा में काम कर रही है। यह टिप्पणी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भाजपा व्यापारी संवाद सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान की।
गडकरी ने कहा कि भाजपा को तीन मुख्य लक्ष्यों द्वारा परिभाषित किया जाता है। पहले लक्ष्य के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद पार्टी की आत्मा है और वह राष्ट्र के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, भाजपा चाहती है कि देश की सीमाएं सुरक्षित रहें। पार्टी चाहती है कि देश आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक रूप से मजबूत बने।
दूसरे मिशन के बारे में उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि देश सुशासन और विकास के साथ प्रगति करे और आत्मनिर्भर बने। गडकरी ने कहा कि पार्टी का तीसरा उद्देश्य 'अंत्योदय' के माध्यम से वंचितों, पीड़ितों और दलितों की सेवा करना है, जो सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से वंचित हैं।
समग्र विकास के बारे में बात करते हुए गडकरी ने कहा, 'समाज के हितधारक कौन हैं? यह देश किसी एक व्यक्ति, किसी एक समाज या एक समुदाय का नहीं है। यह देश सभी का है। उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी हैं, जो न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायी और मीडिया के चार स्तंभों पर खड़ी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि संविधान ने स्पष्ट रूप से हमारे उद्देश्यों और अधिकारों को रेखांकित किया है।
उन्होंने कहा, संविधान हमारे लिए भगवद गीता, बाइबिल या कुरान की तरह है और अगर हम अपने समाज को उसके सिद्धांतों के अनुसार आकार देना चाहते हैं, तो हर हितधारक को खुश और संतुष्ट किया जाना चाहिए। हम हर हितधारक को खुश और संतुष्ट करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।