संविधान दिवस के मौके पर उपराष्ट्रपति ने भी अपने संबोधन में कहा कि आज संविधान में उल्लेखित बातों को अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लोगों को मौलिक अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि विद्यालयों को बच्चों को उनके कर्तव्यों के बारे में अवगत कराना चाहिए। हमारा लक्ष्य 'रिफॉर्म','परफॉर्म' और 'ट्रांसफॉर्म' होना चाहिए। हमें देश की अखंडता और एकता के लिए मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति का उत्थान सबसे पहले होना चाहिए। साथ ही हमें अपने मातृभाषा की इज्जत करनी चाहिए और इसका प्रसार करना चाहिए।
राष्ट्रीय युवा संसद योजना पोर्टल शुरू
राष्ट्रपति ने रामनाथ कोविंद ने राज्यसभा के 250वें सत्र के अवसर पर 250 रुपये मूल्य का सिक्का और स्मृति डाक टिकट जारी किया। जारी किए गए सिक्के के एक तरफ सत्यमेव जयते लिखा है, वहीं दूसरी तरफ संसद भवन का चित्र है।
साथ ही संसद में भारत के संविधान के इतिहास पर प्रदर्शनी का उद्घाटन और लोकसभा कैलेंडर 2020 का लोकार्पण हुआ। संसद में आयोजित इस प्रदर्शनी में संविधान निर्माण से लेकर इसके लागू होने तक की पूरी कहानी को प्रदर्शित किया गया है। साथ ही 'भारतीय संसदीय प्रक्रिया में राज्यसभा की भूमिका' पुस्तक का विमोचन हुआ। वहीं, राष्ट्रीय युवा संसद योजना पोर्टल का भी शुभारंभ किया गया।
26 नवंबर को संविधान सभा ने औपचारिक तौर पर अपनाया था संविधान
संविधान दिवस हर साल 26 नवंबर को मनाया जाता है। भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 में लागू हुआ था। लेकिन संविधान सभा द्वारा इसे 26 नवंबर 1949 को ही औपचारिक तौर पर अपना लिया गया था।
इसका उद्देश्य संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान निर्माण में लगे प्रयासों को दुनियाभर में प्रसारित करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने अक्टूबर 2015 में 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी।