घटती बिक्री के चलते कुछ महीनों से Volkswagen कठिन दौर से गुजर रही है। कंपनी का निर्यात बाजार भी धीमा है। कंपनी का सालाना उत्पादन 2019 में घटकर 85,000 पर पहुंच गया है, जो आने वाले दिनों में कंपनी के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक दो दशक के बाद यह पहली बार है जब पैसेंजर व्हीकल्स मार्केट अपने बुरे दौर से गुजर रहा है। वहीं, अप्रैल से अक्तूबर तक Volkswagen के शिपमेंट्स में 11 फीसदी की कमी आई है। कंपनी का प्लान है कि 2020 के 17वें हफ्ते तक नई जेनरेशन की कारों पर काम किया जाए।
ईटी में छपी खबर के मुताबिक Volkswagen इंडिया के प्रवक्ता का कहना है कि कंपनी 2.0 प्रोजेक्ट के तहत नेक्स्ट जेनरेशन उत्पादन पर काम कर रही है। इसे लेकर कई बदलाव भी किए जा रहे हैं, जिससे कंपनी के उत्पादन को आने वाले दिनों में बेहतर बनाया जा सके।
बता दें कि इससे पहले जापान की दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी होंडा अपने मानेसर स्थित प्लांट को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का फैसला ले चुकी है। कंपनी ने यह फैसला कर्मचारियों की हड़ताल के बाद उठाया था।
कंपनी का कहना है कि धरने में शामिल कुछ कर्मचारियों ने दुर्व्यवहार किया था, जिसके बाद कंपनी ने 650 कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया था। कंपनी ने अभी तक यह नहीं बताया है काम कब तक शुरू हो पाएगा। प्लांट के उच्च अधिकारी सैबल मैत्रा ने एक पत्र में कहा कि प्लांट में काम कब से शुरू होगा, यह कहना अनिश्चित है और इसकी जानकारी हालात सामान्य होने के बाद दे दी जाएगी।