भारत में अवैध रूप से रह रहे लोगों के यहां पैदा हुए बच्चों को क्या भारतीय नागरिकता कानून के तहत सुविधाएं और समान फायदे मिलने चाहिए? संविधान पीठ मई महीने में इस सवाल पर सुनवाई करेगी।
चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को बताया कि ग्रीष्मावकाश के दौरान 11 मई से एक जुलाई केबीच चार संविधान पीठ बैठेगी। ये संविधान पीठ ट्रिपल तलाक, आधार की संवैधानिक वैधता, बंग्लादेशियों के बच्चे की स्थिति आदि पर सुनवाई करेगी। पीठ ने बताया कि अवैध रूप से भारत में रह रहे लोगों के बच्चों की नागरिकता संबंधी लाभ मिलने से संबंधित मामले पर भी संविधान पीठ सुनवाई करेगी।
संविधान पीठ इस पर परीक्षण करेगी कि क्या ऐसे बच्चे नागरिकता कानून की धारा-तीन के तहत मिलने वाले लाभ के हकदार हैं या नहीं। मामले में 11 मई को सुनवाई होगी। पीठ ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि ऐसा लगता है आप लोग इस मामले को लेकर गंभीर नहीं हैं। लेकिन पक्षकारों ने कहा कि वे इस मामले में विस्तृत बहस को तैयार हैं।