आधार की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में बहस पूरी हो गई और पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने इस पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। बहरहाल, जब तक संविधान पीठ का फैसला नहीं आ जाता तब तक बैंक खातों, मोबाइल सिम, बीमा पॉलिसी आदि को आधार से जोड़ने की अनिवार्यता पर रोक जारी रहेगी।
'अब तक 1.21 अरब लोग बनवा चुके हैं आधार'
आधार की संवैधानिक वैधता को लेकर 38 दिनों तक चली सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एके सिकरी, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर, न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की संविधान पीठ के समक्ष बृहस्पतिवार को इस पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। कानून के जानकारों की माने तो केश्वानंद भारती मामले के बाद आधार मामले की सुनवाई सबसे अधिक दिनों तक चली। जुलाई में इस पर संविधान पीठ फैसला सुना सकती है। संविधान पीठ का आदेश इस मायने में महत्वपूर्ण होगा क्योंकि अब तक 1.21 अरब लोग आधार बनवा चुके हैं और आधार के जरिए अब तक 19.16 अरब का लेन-देन हो चुका है।