विरोधी अभियान में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह दो दिन पहले भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने एक बड़े मादक पदार्थ के पास 5500 किलोग्राम प्रतिबंधित मेथमफेटामाइन ले जा रहे छह म्यांमारी चालक दल के साथ एक नाव को जब्त किया था। ड्रग्स दो किलोग्राम के लगभग 3,000 पैकेट में पैक पाए गए थे।
अंडमान जल क्षेत्र में नाव से जब्त किए गए 5500 किलो मेथमफेटामाइन ड्रग्स को थाईलैंड ले जाने की तैयारी की जा रही थी। अंडमान-निकोबार कमांड और पुलिस ने इसे लेकर जांच शुरू कर दी है। इसके लिए पुलिस म्यांमार से नाव लेकर आए चालक दल के सेटेलाइट फोन का कॉल रिकॉर्ड निकलवाएगी।
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विरोधी अभियान में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह दो दिन पहले भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने एक बड़े मादक पदार्थ के पास 5500 किलोग्राम प्रतिबंधित मेथमफेटामाइन ले जा रहे छह म्यांमारी चालक दल के साथ एक नाव को जब्त किया था। ड्रग्स दो किलोग्राम के लगभग 3,000 पैकेट में पैक पाए गए थे। तटरक्षक बल ने नाव और चालक दल को पुलिस को सौंप दिया था।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि हम म्यांमारी चालक दल से जब्त सेटेलाइट फोन की कॉल डिटेल का रिकॉर्ड निकलवाने का प्रयास कर रहे हैं। गिरफ्तार किए गए चालक दल के सदस्यों ने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया है। वे ड्रग्स को पाने वाले और उसे भेजने वाले की पहचान बताने से डर रहे हैं। हमने कॉल डिटेल निकलवाने के लिए सेवा प्रदाता कंपनी से संपर्क किया है।
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि ड्रग्स की खेप किसी कार्टेल का हिस्सा हो सकती है। 2019 में भी अंडमान समुद्र से इसी तरह की ड्रग्स जब्त की थी और तब एल मेनचो का कार्टेल एक प्रमुख संदिग्ध के रूप में सामने आया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह अंडमान सागर पर अब तक की सबसे बड़ी पकड़ है। क्रिसमस और नए साल की पूर्व संध्या के दौरान थाईलैंड में ऐसी दवाओं की भारी मांग होती है। ड्रग्स को चाय के पैकेट में पैक किया गया था। सभी आरोपियों को एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया और 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पोर्ट ब्लेयर में जब्त पदार्थ के प्रयोगशाला परीक्षणों ने पुष्टि की कि पदार्थ मेथमफेटामाइन था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ड्रग की कीमत हजारों करोड़ रुपये होने की उम्मीद है।
24 नवंबर को पोर्ट ब्लेयर ले जाया गया
रक्षा अधिकारी ने बताया कि 23 नवंबर को नियमित गश्त के दौरान तटरक्षक डोर्नियर विमान के पायलट ने बैरन द्वीप के पास एक मछली पकड़ने वाले ट्रॉलर की संदिग्ध गतिविधि देखी। यह पोर्ट ब्लेयर से लगभग 150 किलोमीटर दूर है। ट्रॉलर को चेतावनी दी गई और उससे रफ्तार कम करने के लिए कहा गया। इस बीच पायलट ने अंडमान और निकोबार कमांड को सतर्क कर दिया। तुरंत हमारे तेज गश्त करने वाले जहाज बैरन द्वीप की ओर रवाना हुए। इसके बाद मछली पकड़ने वाले ट्रॉलर को आगे की जांच के लिए 24 नवंबर को पोर्ट ब्लेयर ले जाया गया।