चीन के रक्षामंत्री वेई फेंगे अगले महीने भारत की यात्रा पर आएंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच आपसी मुद्दों को हल करने के लिए हॉटलाइन शुरू करने पर सहमति हो सकती है। अप्रैल में वुहान सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच लंबे समय से लटके हॉटलाइन शुरू करने पर बात हुई थी।
इसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच विवादित सीमा पर तनातनी को दूर किया जा सके। लेकिन यह पहल दोनों देशों के बीच प्रोटोकॉल संबंधी मुद्दों और हॉटलाइन के तकनीकी पहलुओं के कारण अटक गई थी।
सूत्रों का कहना है भारतीय सेना चाहती है कि यह हॉटलाइन उसके सैन्य अभियान के महानिदेशक (डीजीएमओ) और पीएल में उनके समकक्ष अधिकारी के बीच हो। जबकि बीजिंग का प्रस्ताव था कि चेंग्दू स्थित वेस्टर्न कमान के डिप्टी कमांडर भारतीय डीजीएमओ के साथ बातचीत करेंगे।