Maharashtra: शिवसेना नेता किरण पावसकर ने दावा किया कि दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक के दौरान यह सहमति बनी कि जो मंत्री भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं, उन्हें हटाया जाएगा।
शिवसेना नेता किरण पावसकर ने मंगलवार को दावा किया कि महाराष्ट्र की नई सरकार में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे मंत्रियों को हटाने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और महायुति के अन्य सहयोगियों के बीच व्यापक सहमति बनी है। पावसकर ने बताया कि मंत्रालयों के आवंटन पर अंतिम फैसला बुधवार को तब लिया जाएगा, जब भाजपा विधायक अपनी पार्टी के विधानमंडल नेता का चुनाव करेंगे।
विज्ञापन
नई सरकार पांच दिसंबर को दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में शपथ लेगी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य प्रमुख नेता भी मौजूद रहेंगे। पावसकर ने कहा, दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक के दौरान यह सहमति बनी कि जो मंत्री भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं, उन्हें हटाया जाएगा। यह एक तरह का रिपोर्ट कार्ड है, जिसे भाजपा के शीर्ष नेता चाहते हैं।
महायुति नेता देवेंद्र फडणवीस, पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (शिवसेना) और राकांपा प्रमुख अजित पवार पिछले हफ्ते दिल्ली गए थे। पावसकर ने स्पष्ट किया कि महायुति के सहयोगियों के बीच कोई मतभेद नहीं है। बल्कि महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन व्यक्तियों को मंत्रालय दिया जाए, वे साफ-सुथरी छवि वाले हैं और उन पर भ्रष्टाचार के आरोप न हों। उन्होंने कहा, महाराष्ट्र की जनता ने हमें मजबूत जनादेश दिया है और वे स्वाभाविक रूप से ईमानदारी वाले मंत्रियों की उम्मीद करते हैं।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री के चेहरे पर बात करते हुए पावसकर ने कहा कि राजनीति में हमेशा संख्या मायने रखती है। उन्होंने कहा, भाजपा ने भारी जनादेश हासिल किया है, इसलिए यह स्वाभाविक है कि वे शीर्ष पद पर दावा करें। उनके विधायक भी इसी भावना को साझा करते हैं। पावसकर ने शिंदे के स्वास्थ्य की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिंदे पहले अस्वस्थ थे, लेकिन अब वे ठीक महसूस कर रहे हैं। उन्होने यह भी कहा कि महायुति में कोई नाराजगी या फूट नहीं है।