धामपुर में पीएनबी की कैश वैन से लूटे गए 91 लाख रुपयों के मामले से एनआईए अफसर तंजील का क्या नाता है। तंजील मर्डर केस में खुलासे में बात सामने आई कि जब मुनीर को पता चला कि 91 लाख की लूटपाट में पुलिस को उसकी तलाश है तो उसका शक सीधा तंजील पर ही गया, इसलिए उसने तंजील के मर्डर की ठान ली थी।
मुखबिरी का शक तंजील पर ही क्यों गया। तंजील को मुनीर के बारे में कैसे पता चला। बकौल आईजी वारदात वाली रात रैय्यान ने मुनीर से मिलकर तंजील की सूचना देते हुए कहा था कि उनका दोस्त तंजील शादी में आ गया है। रैय्यान ने तंजील को दोस्त क्यों बताया। पुलिस की जांच में भी ये बात सामने आ रही हैं कि मुनीर व तंजील प्रापर्टी के बिजनेस में लगे थे।
पुलिस हिरासत में जैनी और रैय्यान ने भी खुलासा किया कि तंजील प्रापर्टी को खरीदने बेचने का काम कर रहे थे। रैय्यान का दोनों में दुश्मनी कराने का बड़ा हाथ रहा है। अहम बात ये भी है कि आखिर लूट के 91 लाख रुपये गए कहां। सूत्रों की माने तो धामपुर बैंक के लूट की रकम भी मुनीर ने प्रॉपर्टी में लगाई थी।
पुलिस के आला अफसरों को ऐसे सबूत मिल रहे हैं। तंजील का मर्डर करने के बाद अपने हथियारों के साथ मुनीर अपने घर में आराम से सोता रहा। वारदात को अगले दिन वह आराम से फरार हो गया। इससे साफ है कि मुनीर के परिजनों को उसकी सारी बातें मालूम थी।