अमेरिकी एजेंसी सीआईए समेत कई देशों के जासूस पनामा के लॉ फर्म मोसेक फोनसेका की गतिविधियों का खुलासा करने के लिए उसकी सेवाएं लेते रहे। यह खुलासा जर्मनी के एक अखबार में मंगलवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट से हुआ।
सीड्यूत्शे जीतुंग नामक अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, जासूसों और उनके मुखबिरों ने कई तरह से कंपनी की सेवाएं लीं। जासूसों ने अपनी पहचान और गतिविधियां छुपाने के लिए छद्म कंपनियां खोलीं। इनमें सीआईए के लिए काम करने वाले लोग भी शामिल हैं। अखबार ने मोसेक फोनसेका के हाल ही में लीक हुए 1.15 करोड़ दस्तावेजों के हवाले से यह खबर दी है।
म्यूनिख से प्रकाशित अखबार ने कहा है कि मोसेक फोनसेका की सेवाएं लेने वालों में 1980 के दशक के ईरान-कॉन्ट्रा घोटाले से जुड़े लोग भी शामिल हैं। इस दौरान अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षित रिहाई के लिए अमेरिकी अधिकारियों ने गुप्त रूप से ईरान को हथियार बेचे थे और निकारागुआ के कॉन्ट्रा विद्रोहियों को पैसा दिया था।
अखबार के मुताबिक, पनामा पेपर्स बताते हैं कि कम से कम तीन देशों, सऊदी अरब, कोलंबिया और रवांडा की सीक्रेट सर्विस के वर्तमान और पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों ने कंपनी की सेवाएं ली हैं।
इनमें सऊदी अरब के पूर्व इंटेलीजेंस चीफ शेख कमाल अदहम का नाम शामिल है। शेख कमाल की 1999 में मौत हो गई थी। 1970 के दशक में उन्होंने पश्चिम एशिया में सीआईए के एक अहम सहयोगी की भूमिका निभाई थी।