चुनावी अभियान के तहत प्रदेश में ‘27 साल यूपी बेहाल’ यात्रा निकाल रही कांग्रेस की स्थिति भी यूपी में बेहालों जैसी रही लेकिन बुधवार को नेहरू-गांधी की धरती पर कांग्रेसियों में नई ऊर्जा दिखाई दी। पार्टी में पुराना जोश और पंजे की ताकत लौटती नजर आई। यात्रा का नेतृत्व कर रहीं मुख्यमंत्री पद की प्रत्याशी शीला दीक्षित के स्वागत में कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। भीड़ का आलम यह रहा कि शीला के लिए प्रचार समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय सिंह को अपने ही कार्यकर्ताओं के साथ धक्कामुक्की करनी पड़ी।
शीला भी आक्रामक तेवर में दिखीं। बोलीं, ‘जाति-धर्म के नाम पर बंट चुके उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ढाई दशक बाद सत्ता में लौटेगी। प्रदेश की तस्वीर बदलेगी।’ शीला ने टैंकर घोटाले के आरोप को खारिज करते हुए राजनीति से प्रेरित बताया। कहा कि सीएम प्रत्याशी के लिए उनके नाम की घोषणा होते ही अचानक टैंकर घोटाले को भूत जाग उठा। आरोप साबित नहीं हुआ है और जिन टैंकर्स की बात की जा रही है, दिल्ली सरकार उन्हीं का उपयोग कर रही है। दोपहर 12 बजे कांग्रेस यात्रा हजारों कार्यकर्ताओं के साथ कौशाम्बी रवाना हो गई। इससे पहले शीला ने बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री से भरे ट्रकों को हरी झंडी दिखाई।
सपा, बसपा और भाजपा के खिलाफ आक्रामक तेवर अपनाते हुए शीला ने कहा कि यूपी में चुनाव लड़ने के लिए तीन-चार नहीं, बल्कि ढेरों मुद्दे हैं। पार्टी का मेनिफेस्टो तैयार हो रहा है। प्रत्याशियों के नाम भी जल्द सामने आएंगे। कानून, किसान, शिक्षा समेत कई मुद्दों पर उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। कांग्र्रेस शासन की याद दिलाते हुए बोलीं कि पहले हर अफसर यूपी में पोस्टिंग चाहता था लेकिन अब कोई यहां आने को तैयार नहीं। सपा-बसपा को आड़े हाथ लिया और कहा कि कांग्रेस जाति-धर्म के नाम पर नहीं, बल्कि हर वर्ग के लिए काम करती है। भाजपा के लिए बोलीं कि वह 22 साल से मंदिर मुद्दे को पकड़े बैठी है लेकिन कुछ नहीं किया। सपा, बसपा, भाजपा के नेता सिर्फ वोट की राजनीति कर रहे हैं। कांग्रेस ही है कि जो कहती है, वह करती भी है।
प्रियंका खुद करेंगी प्रचार पर फैसला
यूपी के चुनाव में प्रियंका प्रचार करेंगी या नहीं, इस सवाल पर शीला दीक्षित बोलीं कि यह फैसला खुद प्रियंका गांधी करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी को प्रचार में उतारने की मांग तेजी से हो रही है। वह डायनिमिक नेता हैं, लेकिन प्रचार में उतरने का फैसला उन पर ही छोड़ दिया गया है।