कठिन दौर से गुजर रही कांग्रेस के लिए अहमद पटेल दुनिया से चले जाने के बाद भी सहारा बन सकते हैं। उनके नाम पर पार्टी को एक सूत्र में पिरोने और नेताओं को जोड़ने की कोशिश शुरू हो गई है।
अहमद पटेल और असम के पूर्व सीएम तरुण गोगोई को श्रद्धांजलि देने के लिए शुक्रवार को कार्यसमिति की वर्चुअल बैठक बुलाई गई। बैठक में इन नेताओं को याद करने के साथ वक्ताओं ने पार्टी के भीतर मचे घमासान को शांत करने के लिए इन नेताओं की दुहाई दी। वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी ने बैठक में शामिल नेताओं से एकजुट रहने और पुरानी बातों को भूलने को ही अहमद पटेल के लिए सच्ची श्रद्धांजलि बताया।
उन्होंने कहा कि अहमद पटेल ने हमेशा अपने परिवार से अधिक पार्टी को समय दिया और मतभेदों को भूलकर उससे आगे बढ़ने का काम किया। पार्टी हमेशा इन दोनों नेताओं की कमी का अहसास करेगी। पार्टी को वर्तमान संकट से उबारने के लिए हमें नए सिरे से एकजुट होकर काम करना चाहिए।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दोनों दिवंगत नेताओं को याद करते हुए राहुल गांधी से अध्यक्ष पद फिर से स्वीकार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पार्टी इस समय कठिन दौर से गुजर रही है, इसलिए उन्हें आगे आकर ये जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। सीडब्ल्यूसी में शामिल नेताओं ने दोनों दिवंगत नेताओं के योगदान और पार्टी के हित में समर्पण को याद किया।