बहुप्रतीक्षित कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में मोदी सरकार ही छायी रही। बैठक में पारित राजनीतिक और आर्थिक प्रस्तावों के अलावा उन्हीं मुद्दों पर चर्चा पर हुई जिन पर कांग्रेस हाल के दिनों में केंद्र सरकार को घेरती आ रही है। इतना ही नहीं राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने का जो तर्क वरिष्ठ नेता बता रहे हैं उसके पीछे भी आरएसएस और मोदी सरकार की कार्यप्रणाली बताई जा रही है।
पार्टी मुख्यालय में सोमवार को आयोजित बैठक करीब चार घंटे तक चली। सोनिया गांधी की गैरमौजूदगी में राहुल गांधी की अध्यक्षता में बैठक हुई। राहुल ने भी अपने संबोधन में उन्हीं मुद्दों को छुआ जिन पर पार्टी हाल के दिनों में आंदोलनरत है। राहुल गांधी ने चुनावी राज्यों में पार्टी की ओर से किए जा रहे बेहतर प्रचार पर सहयोगियों को बधाई दी। राहुल ने देहरिया से दिल्ली किसान महायात्रा की सफलता की बात कही। राहुल ने कहा कि मोदी सरकार की गरीब विरोधी नीतियों के चलते पर्दाफाश हो चुका है।
राहुल ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के अधिकारों परलेकर मनमानी हो रही है। जबकि मनरेगा के काम रोककर अत्यंत गरीबों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लोकतंत्र में सरकार जवाबदेह नहीं हैं अतिक्रमण कर रही है। भाजपा शासित राज्य संसद से पारित कानूनों की अनदेखी कर रहे हैं। भूमि अधिग्रहण रियल एस्टेट को लिहाजा कांग्रेस पूरी तरह से फेल हो चुकी केंद्र सरकार को संसद में पर्दाफाश करेगी।