देश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए कांग्रेस कार्य समिति ने शनिवार को बैठक बुलाई। कांग्रेस की शीर्ष नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक पार्टी मुख्यालय में हुई। बैठक में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, प्रियंका गांधी वाड्रा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, पी चिदंबरम और गुलाम नबी आजाद समते कई बड़े नेता उपस्थित थे।
कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बैठक में कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में कड़े विरोध के बीच पारित नागरिकता संशोधन अधिनियम हमारे लिए एक बड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि सीएए एक भेदभावपूर्ण और विभाजनकारी कानून है। कानून का भयावह उद्देश्य हर देशभक्त, सहिष्णु और धर्मनिरपेक्ष भारतीय के लिए स्पष्ट है। यह भारतीय लोगों को धार्मिक आधार पर विभाजित करता है।
सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) स्पष्ट रूप से यह घोषणा करती है कि लाखों कांग्रेस कार्यकर्ता देश की जनता द्वारा किए जा रहे समानता के लिए संघर्ष, कानूनों की समान सुरक्षा, न्याय और गरिमा के लिए उनके संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि नए साल की शुरुआत संघर्षों, अधिनायकवाद, आर्थिक समस्याओं और अपराध से हुई है। सोनिया ने कहा कि जेएनयू, जामिया मिल्लिया इस्लामिया और कुछ अन्य जगहों पर युवाओं और छात्रों पर हमले की घटनाओं की जांच के लिए विशेषाधिकार प्राप्त आयोग का गठन किया जाए। उन्होंने खाड़ी क्षेत्र के घटनाक्रम को लेकर भी चिंता जताई।
सीडब्ल्यूसी ने शनिवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया और कहा कि असंवैधानिक नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को वापस लिया जाना चाहिए। बैठक में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शनों और जेएनयू में हमले के बाद बने हालात, अर्थव्यवस्था में सुस्ती, जम्मू-कश्मीर की स्थिति और पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर चर्चा की गयी। इसके साथ ही जेएनयू और कई अन्य विश्वविद्यालयों में हिंसा की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इन मुद्दों को लेकर शनिवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि जेएनयू और अन्य जगहों पर युवाओं एवं छात्रों पर हमले की घटनाओं के लिए एक विशेषाधिकार आयोग का गठन किया जाना चाहिए।
बैठक में राहुल गांधी के मौजूद नहीं रहने के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष फिलहाल यात्रा पर हैं। वह रविवार सुबह से पार्टी के काम के लिए मौजूद होंगे।
सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा कि बैठक में मौजूदा समय में पूरे देश खासकर कई विश्वविद्यालयों में चल रहे आंदोलनों, आर्थिक मंदी, क़ृषि संकट, बेरोजगारी, जम्मू-कश्मीर की स्थिति और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों के खिलाफ अत्याचार की निंदा करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि मोदी सरकार ने युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश की और अब वह युवाओं का विश्वास खो चुकी है। युवाओं को सुनने की बजाय और उन पर पुलिसिया कार्रवाई और सुनियोजित हमले किये जा रहे हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा कि सीडब्ल्यूसी ने असंवैधानिक संशोधित नागरिकता कानून को वापस लेने की मांग की है।