महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले
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महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद से ही सियासी उठापठक का दौर जारी है। राज्य की गठबंधन सरकार में शिवसेना और एनसीपी के अलावा कांग्रेस भी शामिल है, लेकिन कांग्रेस के नए पैंतरे ने महाराष्ट्र की सियासत में नया मोड़ ला दिया है। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने एलान किया है कि महाराष्ट्र का अगला विधानसभा चुनाव कांग्रेस अकेले ही लड़ेगी। बता दें, कांग्रेस की ओर से राज्य सरकार में अपनी अनदेखी को लेकर कई बार सवाल खड़ा किया जा चुका है। बड़ी बात यह भी है कि पटोले ने इस एलान के साथ मुख्यमंत्री बनने की इच्छा भी जाहिर की है।
मुख्यमंत्री बनने की कही बात
दरअसल, बीते शनिवार (12 जून) को पटोले ने अमरावती में कहा कि वर्ष 2024 के चुनाव में कांग्रेस राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी और केवल कांग्रेस की विचारधारा ही देश को बचा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आलाकमान फैसला लेता है तो वह मुख्यमंत्री का चेहरा बनने को भी तैयार हैं। पटोले के इस बयान के बाद यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि राज्य की महाविकास अघाड़ी सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इस मामले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नसीम खान ने कहा कि अगर उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ती है तो उसे इसका फायदा होगा।
एनसीपी के प्रवक्ता का बयान
नाना पटोले के इस बयान के बाद राज्य की गठबंधन सरकार में सबसे अहम भूमिका निभा रही एनसीपी के प्रवक्ता और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के तीनों घटक दल (शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस) सरकार चलाने के मुद्दे पर एकजुट हैं। हालांकि, साल 2024 में होने वाले राज्य विधानसभा और लोकसभा का चुनाव साथ लड़ने पर अब तक फैसला नहीं हुआ है।