एजेंसी/नई दिल्ली। कांग्रेस ने मंगलवार को शिवसेना के उस सुझाव को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में समर्थन देने की बात कही गई है। कांग्रेस ने कहा है कि वह हमेशा से भगवा विचारधारा का विरोध करती रही है। ऐसे में भागवत को समर्थन देने का सवाल ही पैदा नहीं होता। पार्टी ने कहा है कि वह जल्द ही आंतरिक विचार-विमर्श के बाद इस पद के लिए अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा करेगी।
कांग्रेस प्रवक्ता गौरव गोगोई ने मंगलवार को कहा कि यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि हमारी पार्टी संघ के विचारधारा का समर्थन नहीं कर सकती। विपक्ष द्वारा राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के उत्तराधिकारी के नाम पर सहमति बनाए जाने के बारे में पूछे जाने पर गोगोई ने कहा कि कांग्रेस आंतरिक स्तर पर विचार-विमर्श के बाद इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करेगी।
गौरतलब है कि शिवसेना नेता ने कहा था कि भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ के लिए राष्ट्रपति पद के लिए मोहन भागवत अच्छे उम्मीदवार हैं। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल इस साल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है। इस मुद्दे पर राजग में सहमति बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सभी घटक दलों के नेताओं को रात्रि भोज पर आमंत्रित किया है।