कांग्रेस गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा विरोधी शक्तियों को एकजुट करने लिए अन्य दलों से समझौता करने को तैयार है। कांग्रेस शरद पवार की एनसीपी के अलावा अन्य छोटे संगठनों को भी अपने साथ लेना चाहती है। इसके लिए राज्य के प्रभारी अशोक गहलोत और सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल जमीनी खाका तैयार कर रहे हैं।
कांग्रेस किसी भी कीमत पर भाजपा विरोधी वोट बंटने नहीं देना चाहती है। इसी को ध्यान में रखकर कांग्रेस प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की जमीनी पड़ताल और खुद के जीतने की संभावना तलाश रही है।
से विधानसभा क्षेत्र जहां कांग्रेस को लगता है कि कोई अन्य दल या संगठन उस इलाके में सक्रिय और असरदार है तो ऐसी स्थिति में वहां उसका समर्थन करेगी।
दरअसल गुजरात की 182 सीटों वाली विधानसभा में 62 सीटें शहरी हैं जहां हर बार कांग्रेस खुद को कमजोर पाती है। जबकि 120 ग्रामीण सीटों में भाजपा-कांग्रेस के बीच बंटवारा होता है।
कांग्रेस का लगता है कि बदली स्थिति में शहर की भी सीटें जीती जा सकती हैं लेकिन उसके लिए क्षेत्रीय दलों और संगठनों के साथ तालमेल बैठाना होगा। जबकि ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस खुद का मजबूत बता रही है।
कांग्रेस को गुजरात में एनसीपी का साथ लेने में ऐतराज नहीं है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शरद पवार के मिलकर चुनाव लड़ने के सुझाव का स्वागत किया है।
उनका कहना है कि हर वो दल जो गुजरात के विकास के पक्ष में और सैद्धांतिक तौर पर भाजपा का विरोध कर रहे हैं कांग्रेस समझौता करने को तैयार है। कांग्रेस के नेतृत्व में हम गुजरात की आजादी की लड़ाई लड़ने और उसे गुलामी से बचाकर नए गुजरात का गठन करेंगे।