उन्होंने कहा, 'कांग्रेस का यह भी मत है कि हर भारतीय नागरिक को अपनी नागरिकता साबित करने का संपूर्ण और तर्कसंगत अवसर मिलना चाहिए।' सुरजेवाला ने आरोप लगाया, 'भाजपा पूरी प्रक्रिया को सामाजिक तानेबाने को तोड़ने के लिए इस्तेमाल कर रही है। इसका कारण है कि मोदी सरकार अपनी नाकामियों से देश का ध्यान भटकाना चाहती है। कार्यसमिति ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे इस षडयंत्र को नाकाम करें।'
उन्होंने राफेल मुद्दे को लेकर सवाल किया, 'राफेल पर मोदी और निर्मला सीतारमण किस कारण से राफेल की कीमत बताने से इनकार कर रहे हैं? क्या 48000 करोड़ रुपये का सरकारी खजाने को चूना लगा है उससे भाग रहे हैं? क्या प्रधानमंत्री ने सुरक्षा मामले की कैबिनेट की अहवेलना नहीं की ?’’ उन्होंने कहा, 'बैंकिग घोटाले पर भी मन्त्रणा हुई।
मेहुल चौकसी को एंटीगुआ की नागरिकता दिलाने के लिए मोदी सरकार के इशारे पर विदेश मंत्रालय ने क्लीन चिट दी थी। इस बात का भी संज्ञान लिया गया कि ईडी और सीबीआई ने समय रहते रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए पहल नहीं की। मोदी सरकार भगोड़ा को भगाने में संलिप्त है।' सुरजेवाला ने कहा, 'देश में बेरोजगारी की बड़ी समस्या है। कृषि संकट है। बैठक में इस पर भी विस्तार से चर्चा हुई।'
सूत्रों के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में सीडब्ल्यूसी की बैठक में संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी शामिल नहीं हो सकीं। बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल और कार्य समिति के अन्य सदस्य, स्थायी आमंत्रित सदस्य और विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल हुए।