कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सीबीआई हेडक्वॉर्टर के बाहर पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है।
कांग्रेस के प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा कि राफेल में हुए घोटाले से मोदी और शाह की जोड़ी घबरा गई है जिससे उन्होंने सीबीआई को तोड़ा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, मोदीतंत्र को हराएगा। सत्यमेव जयते।
इसके अलावा चंढ़ीगढ़ में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने सीबीआई मुख्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। जिसे रोकने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का प्रयोग करना पड़ा।
कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने सभी कांग्रेस महासचिवों, प्रदेश अध्यक्षों और विधायक दल के नेताओं को पत्र लिखकर उनसे कहा है कि देशभर में सीबीआई कार्यालयों के बाहर भाजपा सरकार के खिलाफ धरना दिया जाए।
गहलोत ने अपने पत्र में कहा, ‘मोदी-शाह द्वय द्वारा सीबीआई निदेशक को अवैध, असंवैधानिक और गैरकानूनी तरीके से हटाने से भारत और उसकी प्रमुख जांच एजेंसी शर्मसार हुई है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ‘राफेल-ओ-फोबिया’ के शिकार हैं। राफेल घोटाले के इस डर से सीबीआई को ध्वस्त कर दिया गया है।
बंगलुरू में कांग्रेस के कार्यकर्ता सीबीआई मुख्यालय के सामने कुछ इस अंदाज में विरोध प्रदर्शन करते नजर आए।
आलोक वर्मा को हटाए जाने के खिलाफ पटना में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीबीआई मुख्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
लखनऊ में भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राज बब्बर के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सीबीआई ऑफिस के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
तेलंगाना के हैदराबाद स्थित सीबीआई ऑफिस के सामने भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
सीबीआई हेडक्वॉर्टर के सामने विरोध प्रदर्शन पर जाने से पहले दयाल सिंह कॉलेज के के बाहर कांग्रेस के आनंद शर्मा, भाकपा के डी राजा और वरिष्ठ नेता शरद यादव पहुंचे।
उधर, केंद्र सरकार ने इस कार्रवाई का बचाव करते हुए इसे ‘अपरिहार्य’ बताया। सरकार ने दलील दी है कि सीबीआई के संस्थागत स्वरूप को बरकरार रखने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारियों को हटाने का सरकार का फैसला केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की सिफारिशों पर आधारित है।
उल्लेखनीय है कि विवाद के केंद्र में आए वर्मा और सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने मंगलवार देर रात आदेश जारी कर अवकाश पर भेज दिया था। प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली नियुक्ति समिति ने मंगलवार की रात में आदेश जारी कर एजेंसी के निदेशक का प्रभार संयुक्त निदेशक एम नागेश्वर राव को सौंप दिया।