मोसुल में मारे गए 39 भारतीयों के मामले में कांग्रेस राज्यसभा में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएगी। कांग्रेस का आरोप है इस मामले विदेश मंत्री लगातार चार सालों से सदन और देश के लोगों को गुमराह किया है।
सरकार पर असंवेदनशीलता और लगातार सच्चाई छिपाने का आरोप
कांग्रेस सांसद अंबिका सोनी और प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि भारतीय नागरिकों को लेकर विदेश मंत्री ने हर बार गोपनीयता और सूत्र न बताने की बात कह कर सदन और परिवार के सदस्यों को भ्रमित किया। चार साल के दौरान 39 लोगों की मौत को लेकर जो भी तथ्य और सूत्र सामने आए, मोदी सरकार और विदेश मंत्री ने उन्हें खारिज कर दिया।
अंबिका सोनी ने कहा कि सरकार खुलासे के बाद भी इस गंभीर मुद्दे को असंवेदनशील तरीके से दबाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस इस मुद्दे को 2014 से उठा रही है, लेकिन विदेश मंत्री ने हर बार सदन के अंदर और परिवार वालों से बातचीत की पर कभी भी इशारा तक नहीं किया कि 39 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने मुझसे कहा, आपने पद की गोपनीयता नहीं ली है इसलिए आपको संबंधित कागज और सूत्र नहीं बता सकती हूं। फिर उन्होंने कहा, मैंने मंत्री हरसिमरत कौर को बता दिए हैं। सदन में उनका बयान दर्ज है, मैं सुषमा स्वराज कहती हूं कि सभी जीवित हैं और उन्हें वापस लाऊंगी।
डीएनए टेस्ट की भी भनक नहीं लगने दी
कांग्रेस का आरोप है, सुषमा स्वराज पता नहीं क्यों इस मामले को ढकने का काम कर रही थीं। परिवार वालों को भी भनक नहीं लगने दी कि उनके डीएनए मिलान की प्रक्रिया चल रही है। अब इराक से खबर के मुताबिक मिट्टी में दबे लोगों की मौत कम से कम एक साल पहले हो चुकी थी। अब लंबे बाल और कड़े मिलने की बात कर रही हैं। यानी पार्थिव शरीर के बारे में भी परिवारों को धोखे में रखा जा रहा है। जबकि परिवार उनके पार्थिव शरीर के इंतजार में थे।
विदेश मंत्री पंजाबी बोलकर पंजाब के 27 परिवारों से रिश्ता तो दिखा रही हैं लेकिन यह नहीं बता रही हैं कि क्या केंद्र सरकार इन लोगों की आर्थिक मदद करेगी। अंबिका ने कहा कि पंजाब की कांग्रेस सरकार अपनी ओर से पीड़ित परिवारों की मदद करेगी, लेकिन केंद्र सरकार को भी परिवारों से क्षमा के साथ मदद को आगे आना चाहिए।