महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, उड़ीसा = 117 सीट
48 लोकसभा सीट वाले महाराष्ट में कांग्रेस और एनसीपी के बीच में तालमेल पर सहमति बन गई है। शिवसेना को विकल्प की तलाश है, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शिवसेना से गठबंधन नहीं चाहते। महाराष्ट्र नव निर्माण सेना भी विकल्प देख रही है और इस पर अभी कांग्रेस, एनसीपी ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। हां, दोनों दलों ने सहयोगियों के लिए कुछ सीटें छोड़ रखी हैं। इसको लेकर दोनों दल आपस में चर्चा कर रहे हैं। गोवा की 02 सीट पर कांग्रेस अकेले चुनाव में उतरेगी।
कर्नाटक की 26 लोकसभा सीट के लिए पार्टी के रणनीतिकार एक फार्मूला तैयार कर रहे हैं। इसमें जद(एस) के तालमेल की प्रबल संभावना है। बसपा भी इस गठजोड़ में शामिल हो सकती है। केरल की 20 सीट पर वाम दल और यूडीएफ की स्थिति अभी साफ नहीं हो पा रही है। माना जा रहा है कि यहां भी कांग्रेस अकेले चुनाव में उतर सकती है। उड़ीसा की 21 सीटों पर जनता दल ने अकेले चुनाव लडऩे का फैसला किया है। पिछले चुनाव में उसे 21 में 20 और भाजपा को एक सीट मिली थी। उड़ीसा में भी कांग्रेस अकेले दम पर चुनाव में उतरेगी।
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना = 42 सीट
तेलंगाना विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने महागठबंधन बनाया था, लेकिन खास सफलता नहीं मिल पाई। लोकसभा चुनाव के साथ आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव होना है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू लगातार कांग्रेस और वाम दलों के साथ मिलकर गठबंधन का स्वरुप तैयार करने में लगे हैं। चंद्र बाबू की टीडीपी के लिए वाईएसआर कांग्रेस के जगनमोहन रेड्डी चुनौती बने हैं। भाजपा दोनों राज्यों में लोकसभा के उम्मीदवार उतारेगी। ऐसे में कांग्रेस टीडीपी और वामदल के साथ मिलकर चुनौती दे सकती है।
पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, त्रिपुरा, असम, उत्तर पूर्व और अन्य राज्य =111 सीट
पश्चिम बंगाल की 42 सीट पर कांग्रेस के सामने धर्म संकट है। पश्चिम बंगाल के नेताओं का कहना है कि लंबे समय का लाभ वामदल के साथ जाने में है। 2019 का तात्कालिक लाभ ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के साथ रहने में है। तृणमूल और वामदल के साथ महागठबंधन संभव नहीं है। क्योंकि तृणमूल और वामदल एक दूसरे के धुर विरोधी हैं। राज्य में दबदबा तृणमूल का है। तृणमूल को भाजपा चुनौती दे रही है। त्रिपुरा की दो सीट पर कांग्रेस अपने पुराने ढर्रे पर चलेगी। तमिलनाडु की 39 सीट पर किसी गठबंधन का आधार डीएमके तय करेगा।
कांग्रेस के नेता डीएमके के संपर्क में हैं और डीएमके के एमके स्टालिन ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार मान लिया है। असम की 14 सीट को लेकर कांग्रेस, अगप, एआईयूडीएफ, बीपीएफ के बीच संभावित तालमेल की संभावना खत्म नहीं हुई है। अरुणाचल, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर की दो-दो, नागालैंड की एक सीट पर कांग्रेस परंपरागत तरीके से आगे बढ़ेगी। यही स्थिति अंडमान निकोबार, दादरा नागर हवेली, लक्ष्यद्वीप, दमन दीव, पुड्डुचेरी की 01-01 सीट पर रहने के आसार हैं।