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Great Nicobar Project: ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर कांग्रेस का बड़ा आरोप; राहुल बोले- कारोबारी हित असली मकसद

Sat, 06 Jun 2026 04:58 AM IST
शिवम गर्ग एजेंसी, नई दिल्ली

सार

विश्व पर्यावरण दिवस पर कांग्रेस ने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी, खरगे और जयराम रमेश ने परियोजना के पर्यावरणीय और रणनीतिक पहलुओं पर सवाल उठाए।

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर तीखा हमला बोला। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने परियोजना के पर्यावरणीय और रणनीतिक पहलुओं पर सवाल उठाते हुए मोदी सरकार की आलोचना की। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि इस परियोजना से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है और इसके पीछे बताए जा रहे सरकारी तर्क पूरी तरह पारदर्शी नहीं हैं।

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राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार का यह तर्क कि ग्रेट निकोबार द्वीप प्रोजेक्ट के देश की सुरक्षा और माल स्थानांतरण बंदरगाह के लिए है, निरा झूठ है। उन्होंने आरोप लगाया कि असल में इसका मकसद एक बिजनेसमैन को फायदा पहुंचाना है ताकि वह भारत की सबसे कीमती और अनोखी पारिस्थितिक जमीन पर होटल और कसीनो बना सके। उन्होंने कहा, इस विश्व पर्यावरण दिवस पर मैं हर युवा भारतीय से यह सवाल पूछना चाहता हूं कि क्या आप ऐसा भारत चाहते हैं? 

उधर, खरगे ने मोदी सरकार पर जंगलों को खत्म करने और पर्यावरण से जुड़े नियमों और ढांचे को कमजोर करने का आरोप लगाया।  वहीं, रमेश ने आरोप लगाया कि गंभीर पर्यावरणीय चिंताओं के बावजूद ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने इसके रणनीतिक औचित्य पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अदाणी साम्राज्य का हिस्सा बन जाएगा।
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क्या है ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट?
ग्रेट निकोबार परियोजना केंद्र सरकार की एक प्रमुख विकास योजना है, जिसके तहत बंदरगाह, हवाई अड्डा, ऊर्जा और शहरी बुनियादी ढांचे का विकास प्रस्तावित है। सरकार का मानना है कि इससे भारत की समुद्री और रणनीतिक क्षमता मजबूत होगी तथा क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि पर्यावरण विशेषज्ञों का एक वर्ग इस परियोजना के संभावित प्रभावों को लेकर चिंता जता चुका है, क्योंकि यह क्षेत्र जैव विविधता और पारिस्थितिकी की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।

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