अय्यप्पा संगमम का मामला अब केरल में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है और जांच की मांग तेज हो रही है। केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि ऑडिट रिपोर्ट में कई गंभीर विसंगतियां हैं और इस पर विस्तृत स्पष्टीकरण जरूरी है।
केरल में हाल ही में हुए ग्लोबल अय्यप्पा संगमम के ऑडिट रिपोर्ट को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। विपक्षी कांग्रेस ने राज्य की वामपंथी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह मामला सबरीमाला में हुए कथित सोना चोरी प्रकरण की ही कड़ी है।
क्या है पूरा मामला?
ग्लोबल अय्यप्पा संगमम का आयोजन पिछले साल पंबा में किया गया था। यह कार्यक्रम त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) की प्लेटिनम जुबली समारोह के तहत हुआ था, जो सबरीमाला श्री अय्यप्पा मंदिर का प्रबंधन करता है। हाल ही में केरल हाईकोर्ट ने इस कार्यक्रम की ऑडिट रिपोर्ट में कई गड़बड़ियों और गंभीर असंगतियों की बात कही और टीडीबी तथा राज्य ऑडिट विभाग से स्पष्टीकरण मांगा।
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कांग्रेस ने क्या लगाया आरोप?
विपक्ष के नेता वीडी सतीशन और अन्य कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के लिए अलग खाते रखने के हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद करोड़ों रुपये की गड़बड़ी हुई। यह अनियमितताएं सबरीमाला के कथित सोना चोरी मामले जैसी ही हैं। इस कार्यक्रम में भारी खर्च दिखाया गया, जबकि वास्तविक भागीदारी कम थी। सरकार और देवस्वोम बोर्ड दोनों इस कथित घोटाले के लिए जिम्मेदार हैं।
सतीशन ने दावा किया कि नाश्ता 4000 लोगों, दोपहर का भोजन 5000 और रात का खाना 3000 लोगों को देने का हिसाब दिखाया गया, जबकि इतने लोग कार्यक्रम में आए ही नहीं। मुख्यमंत्री की तस्वीर वाले फ्लेक्स बोर्ड लगाकर कार्यक्रम का राजनीतिक प्रचार किया गया। स्पॉन्सरशिप से करोड़ों रुपये जुटाए गए, लेकिन उनका पूरा हिसाब नहीं दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि भगवान अय्यप्पा के नाम पर ऐसी कथित धोखाधड़ी क्यों की गई और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
विपक्ष के आरोपों पर सरकार का जवाब
वहीं इस मामले में देवस्वोम मंत्री वीएन वासवन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कार्यक्रम के लिए दिया गया तीन करोड़ रुपये का एडवांस पूरी तरह वापस मिल चुका है। विधानसभा में उन्होंने कोई गलत आंकड़ा पेश नहीं किया। कांग्रेस नेताओं को जनता से माफी मांगनी चाहिए।