कर्नाटक में कांग्रेस लगातार सीएम बासवराज बोम्मई और सत्ताधारी भाजपा के खिलाफ हल्ला बोले हुए है। वहीं, अब PayCM के बाद कांग्रेस की राज्य इकाई ने अब SayCM अभियान शुरू किया है। कर्नाटक कांग्रेस ने बुधवार को भाजपा सरकार को टारगेट करते हुए SayCM क्यूआर कोड के तहत आज SayCM.com वेबसाइट को लॉन्च किया। इस पर 2018 में हुए चुनावों के दौरान सत्ताधारी पार्टी द्वारा किए गए अधूरे वादों को लेकर निशाना साधा गया है। वहीं दूसरी तरफ कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने 'SayCM' कैंपेन के लिए कांग्रेस पर पलटवार किया है। बोम्मई ने कहा कि वे बेरोजगार हैं इसलिए ऐसा कर रहे हैं।
भाजपा और सीएम बोम्मई पर निशाना साधते हुए कांग्रेस की राज्य इकाई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि “#PayCM अब SayCM है, राज्य के लोगों को जवाब मिलने दो। वे चुनाव से पहले अपने वादों को भूल गए और अपने वादों को कर्नाटक बीजेपी ने तोड़ दिया। राज्य की जनता को जवाब देना चाहिए।"
गौरतलब है कि कांग्रेस की राज्य इकाई द्वारा लांच की गई इस वेबसाइट में उन सभी सवालों को सूचीबद्ध किया गया है जो कांग्रेस ने अब तक भाजपा से पूछे हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा 2018 में चुनाव के दौरान किए गए 600 में से 90 प्रतिशत वादे अधूरे हैं। भाजपा ने अब तक 50 सवालों में से किसी का भी जवाब नहीं दिया है, भाजपा ने अपनी चुप्पी के माध्यम से अपनी गलती स्वीकार कर ली है।
कर्नाटक कांग्रेस के कम्युनिकेशंस डिवीजन के प्रमुख प्रियांक खड़गे ने मंगलवार को इसे लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस की थी। उन्होंने कहा था कि यदि केवल PayCM ही आपको बोलने के लिए प्रेरित करती है, तो हम आपकी विफलताओं का जवाब देने के लिए SayCM लॉन्च करेंगे। जिसके बाद आज उन्होंने क्यूआर कोड लॉन्च किया, जो पेटीएम के समान दिखता है, लेकिन उपयोगकर्ता को SayCm.com पर ले जाएगा।
सीएम बोम्मई ने किया पलटवार
दूसरी तरफ कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने 'SayCM' कैंपेन के लिए कांग्रेस पर पलटवार किया है। बोम्मई ने कहा कि वे बेरोजगार हैं इसलिए ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व वाली राज्य की भाजपा सरकार इस बात में विश्वास करती है कि उसका काम खुद बोलना चाहिए और वह लोगों के कल्याण के लिए काम कर रही है।
सीएम बोम्मई ने कहा कि उन्हें करने दो, वे बेरोजगार हैं, इसलिए वे ऐसी चीजें कर रहे हैं, लेकिन सरकार चलाने और जन कल्याणकारी कार्य करने की हमारी ज़िम्मेदारी है। हम अपने काम के माध्यम से लोगों तक पहुंच रहे हैं। हमें विश्वास है कि हमारे हमारे बोलने के बजाय काम बोलना चाहिए, और हम अपना काम कर रहे हैं।