कांग्रेस ने पीएम केयर्स फंड को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर कहा, अब जब इलेक्टोरल बॉन्ड घोटाले के जरिये मोदी सरकार के भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और डराने-धमकाने की राजनीति से जुड़े चौंकाने वाले डिटेल्स सामने आ रहे हैं, तब नहीं भूलना चाहिए कि सरकार ने कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए एक और रास्ता खोल रखा है, जिसका नाम पीएम केयर्स फंड है।
रमेश ने सवाल किया कि कोविड को खत्म हुए अब अरसा हो चुका है, अब तो प्रधानमंत्री बताएं कि पीएम केयर्स में कितना पैसा आया, किसने कितना दान दिया और यह पैसा कहां खर्च किया गया। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि करीब 12,700 करोड़ का दान प्राप्त हुआ है, जिसमें रिलायंस ने 500 करोड़, अडानी ने 100 करोड़, पेटीएम ने 500 करोड़, जेएसडब्ल्य पे 100 करोड़ रुपये का दान किया है।
उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि आखिर पीएम केयर्स को कैग और आरटीआई की निगरानी से छूट क्यों दी गई है। सरकार तर्क देती है कि इसमें सरकार के बजट का पैसा नहीं, इसलिए इसे निगरानी से बाहर रखा है, जबकि सच सबको पता है कि सरकार के स्वामित्व और संचालन वाले कम से कम 38 सार्वजनिक उपक्रमों ने पीएम केयर्स फंड में 2,105 करोड़ रुपए की बड़ी राशि दान की है। इसके अलावा 150 करोड़ रुपये पीएसयू कर्मचारियों ने दान दिया है।
दावा- चीन की कंपनी टिकटॉक ने 30 करोड़ तो शाओमी ने दिए 10 करोड़
कांग्रेस नेता रमेश ने दावा किया कि चीन की कई कंपनियों ने भी पीएम केयर्स को दान किया है। इनमें टिकटॉक ने 30 करोड़, शाओमी ने 10 करोड़, वावे ने 7 करोड़ और वनप्लस ने 1 करोड़ रुपये का दान किया है। आखिर, ऐसे समय में जब चीन भारत की जमीन पर अतिक्रमण कर रहा है, तब भी इन फर्मों से दान लेने का क्या औचित्य है।
चुनावी बॉन्ड नहीं बल्कि प्रधानमंत्री हफ्ता वसूली योजना- जयराम
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि हर गुजरते दिन के साथ चुनावी बॉन्ड घोटाले की वास्तविक गहराई पर अधिक उदाहरण सामने आते हैं। आज हम 'प्रधानमंत्री हफ्ता वसूली योजना' पर नजर डाल रहे हैं, जो चुनावी बॉन्ड घोटाले में भ्रष्टाचार के चार चैनलों में से दूसरा है- पहला है चंदा दो, धंधा लो और दूसरा हफ्ता वसूली।
जिनके खिलाफ जांच उन्होंने ही दिया चंदा- जयराम रमेश
जयराम रमेश ने दावा किया कि अरबिंदो फार्मा ने पांच करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड दान किए। 10 नवंबर, 2022 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली सरकार की शराब नीति में कथित अनियमितताओं से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अरबिंदो फार्मा के निदेशक पी सरथ चंद्र रेड्डी को गिरफ्तार किया और पांच दिन बाद 15 नवंबर को गिरफ्तार किया। ये सिर्फ छोटे उदाहरण हैं, कुल मिलाकर 21 फर्मों ने, जिन्होंने सीबीआई, ईडी या आईटी की जांच का सामना किया है, इस तथ्य के बाद चुनावी बॉन्ड दान किए हैं।
जयराम रमेश ने किए कई दावे, उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अक्तूबर 2018 में आयकर विभाग द्वारा छापा मारे जाने के छह महीने बाद नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड ने अप्रैल 2019 में 30 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदे। जयराम रमेश ने दावा किया कि हैदराबाद स्थित शिरडी साईं इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड को 20 दिसंबर 2023 को आयकर छापे का सामना करना पड़ा। 11 जनवरी 2024 को कंपनी ने 40 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदे।