कांग्रेस ने 2023 के विधानसभा चुनाव में पांच सीटें जीती थीं। उनमें से एक विधायक सलेंग ए संगमा तुरा सीट से लोकसभा के लिए चुने गए, जबकि तीन अन्य विधायक पिछले साल एनपीपी में शामिल हो गए। अब कांग्रेस ने एकमात्र विधायक लिंगदोह ने भी एनपीपी का दामन थाम लिया।
मेघालय विधानसभा से कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया। यहां कांग्रेस के एकमात्र विधायक रोनी वी लिंगदोह ने सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) का दामन थाम लिया है। माइलीम निर्वाचन क्षेत्र से विधायक लिंगदोह ने अध्यक्ष थॉमस ए संगमा को पार्टी बदलने का पत्र सौंपा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री स्नियावभालांग धर समेत कई वरिष्ठ एनपीपी नेता मौजूद थे। विधानसभा अध्यक्ष संगमा ने कहा, मैंने उनके पत्र की जांच की है और यह नियमों के अनुसार पाया गया है। अब से उन्हें एनपीपी विधायक के रूप में सदन में मान्यता दी जाती है।
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कांग्रेस का आरोप- मेघालय की जनता से भ्रष्टाचार और लूट के जरिये जुटाए धन...
उधर, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एनपीपी मेघालय की जनता से लूटे गए धन से दलबदल करवा रही है। प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी संयुक्त सचिव मैथ्यू एंटनी ने आरोप लगाया कि मेघालय की जनता से भ्रष्टाचार और लूट के जरिये जुटाए गए धन से सत्तारूढ़ एनपीपी की खरीदारी का सिलसिला जारी है।
विधानसभा स्पीकर ने दी दलबदल को मान्यता
कांग्रेस ने 2023 के विधानसभा चुनाव में पांच सीटें जीती थीं। उनमें से एक विधायक सलेंग ए संगमा तुरा सीट से लोकसभा के लिए चुने गए, जबकि तीन अन्य विधायक पिछले साल एनपीपी में शामिल हो गए। इसमें सेलेस्टाइन लिंगदोह (उमसनिंग), गेब्रियल वाह्लांग (नोंगस्टोइन) और चार्ल्स मार्नगर (मावहती) ने 19 अगस्त 2024 को एनपीपी में का दामन थामा था। बाद में स्पीकर ने दलबदल विरोधी कानून के प्रावधानों के तहत उनके दलबदल को मान्यता दे दी।
60 सदस्यीय विधानसभा में अब कांग्रेस का कोई प्रतिनिधित्व नहीं
लिंगदोह के एनपीपी में शामिल होने से 60 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस का कोई प्रतिनिधित्व नहीं रह गया है। विलय के बाद विधानसभा में एनपीपी की संख्या बढ़कर 32 हो गई। इससे मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (एमडीए) सरकार में उसकी स्थिति और मजबूत हो गई। लिंगदोह के साथ डिप्टी सीएम स्नियाभलंग धर सहित एनपीपी के वरिष्ठ नेता भी थे। डिप्टी सीएम ने कहा कि लिंगदोह औपचारिक रूप से एनपीपी में शामिल हो गए हैं।