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Politics: पीएम मोदी के मजाक पर भड़कीं प्रियंका गांधी, कहा- सुसाइड जैसे गंभीर विषयों का मजाक उड़ाना सही नहीं

Thu, 27 Apr 2023 02:51 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उन्होंने वीडियो के साथ लिखा कि युवाओं में अवसाद और आत्महत्या जैसा विषय हंसने वाली बात नहीं है। साथ ही उन्होंने उन लोगों पर भी निशाना साधा है जो पीएम के चुटकुले पर ठहाके लगा रहे थे।
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पीएम मोदी की टिप्पणी कांग्रेस को बुरी लगी। - फोटो : Social media
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विस्तार
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सुसाइड नोट पर किए मजाक को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री का एक वीडियो भी साझा किया है, जहां वह एक चुटकुला सुना रहे हैं, जिसमें एक युवती अपने प्रोफसर पिता के नाम चिट्ठी छोड़ जाती है कि वह आत्महत्या करने जा रही है।

अवसाद को लेकर जागरूक होना जरूरी

उन्होंने वीडियो के साथ लिखा कि युवाओं में अवसाद और आत्महत्या जैसा विषय हंसने वाली बात नहीं है। साथ ही उन्होंने उन लोगों पर भी निशाना साधा है जो पीएम के चुटकुले पर ठहाके लगा रहे थे। उन्होंने कहा कि इस तरह के असंवेदनशील लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों का उपहास करने के बजाय खुद को बेहतर ढंग से शिक्षित करना चाहिए और दूसरों को भी ऐसे मुद्दों के प्रति जागरूक करना चाहिए।

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आंकड़ों का दिया हवाला

उन्होंने एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2021 में एक लाख 64 हजार 33 भारतीयों ने आत्महत्या की है। इसमें से एक बड़ा प्रतिशत 30 वर्ष से कम उम्र के लोगों का था। 
 

राहुल गांधी ने भी किया वार

वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी पीएम पर वार किया। उन्होंने कहा कि हजारों परिवार अपने बच्चों को आत्महत्या के कारण खो देते हैं उन्हें इस बात को लेकर मजाक नहीं बनाना चाहिए। 

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वायनाड का भी हमला
वायनाड के पूर्व सांसद ने भी सख्त लहजे में कहा कि प्रधानमंत्री ने आत्महत्या को लेकर मजाक बनाया है। आत्महत्या के बारे में कोई इतना असंवेदनशील कैसे हो सकता है? सरकारी आंकड़े बताते हैं कि 2021 में 1.64 लाख से अधिक भारतीयों ने आत्महत्या की।
 

यह है मामला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में शामिल होते हुए हल्के-फुल्के मूड में जोक सुनाया था। उन्होंने बताया कि यह चुटकुला हम बचपन से सुनते आए हैं। एक प्रोफसर थे। उनकी बेटी ने आत्महत्या की, जो एक पत्र छोड़कर गई कि मैं जिंदगी से थक गई हूं। मैं जीना नहीं चाहती हूं, मैं कांकरिया में कूद कर मर जाउंगी। सुबह प्रोफसर ने देखा कि बेटी घर में नहीं है। ढूंढने पर उसके बिस्तर पर एक चिट्ठी मिली, जिसे पढ़कर प्रोफसर को गुस्सा आया। 

वह सोचने लगे कि मैं प्रोफसर... मैंने इतने साल मेहनत की और मेरी लड़की अभी भी कांकरिया की स्पेलिंग गलत लिख रही है। पीएम के इस चुटीले अंदाज पर जहां लोग ठहाके भरते नजर आए तो वहीं प्रियंका गांधी ने आत्महत्या जैसे गंभीर विषय पर चुटकुले सुनाने पर हैरानी जताई है। 

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