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Congress: PM किसान सम्मान निधि को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल, कहा- केंद्र का ये कदम बन गया है किसान अपमान निधि

Thu, 01 Sep 2022 05:06 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी में प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि जहां सरकार अपने उद्योगपति मित्रों के लाखों करोड़ का ऋण माफ कर रही है, वहीं दूसरी ओर वह किसानों से पैसा वापस ले रही है।
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कांग्रेस पार्टी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर पीएम-किसान सम्मान निधि को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस ने गुरुवार को दावा किया कि केंद्र सरकार ने पीएम-किसान योजना के तहत पहले किसानों को अपात्र घोषित किया और अब उन्हें दिए गए रुपये को वापस ले रही है। इस बाबत केंद्र सरकार किसानों को नोटिस भी जारी किया है। कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए मांग की है कि गरीब अन्नदाताओं से रुपये की वसूली तत्काल बंद की जाए। 

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उद्योगपति मित्रों के लाखों करोड़ का ऋण माफ कर रही सरकार
कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी में प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि जहां सरकार अपने उद्योगपति मित्रों के लाखों करोड़ का ऋण माफ कर रही है, वहीं दूसरी ओर वह किसानों से पैसा वापस ले रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को अपात्र घोषित कर पैसा वापस लेने की कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि के बजाय केंद्र सरकार का यह कदम 'किसान अपमान निधि' बन गया है। 

केंद्र भेज रही किसानों को नोटिस
उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 में जब मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले पीएम-किसान सम्मान निधि शुरू की थी तो उसने जल्दबाजी में किसानों के बैंक खाते के नंबर ले लिए, ताकि चुनाव से पहले पैसा उन तक पहुंच सके। अब केंद्र सरकार कह रही है कि जो इसके पात्र नहीं हैं और जिन्हें किसान सम्मान निधि के तहत राशि मिली है, उन्हें पैसा लौटा देना चाहिए। इतना ही नहीं सरकार किसानों को पैसा वापस लेने के लिए नोटिस भी भेज रही है। 
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यूपी को सूखाग्रस्त राज्य घोषित करने की मांग
इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश को सूखाग्रस्त राज्य घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि यूपी में इस साल औसत से 44 फीसदी कम बारिश हुई है, जिससे खरीफ की सभी फसलें सूख गई हैं। उन्होंने यह मांग भी की है कि राज्य के सभी किसानों को उनकी फसल का मुआवजा तत्काल दिया जाए। किसानों के कृषि उपकरण, खाद, बीज, कीटनाशक जैसे सभी कृषि ऋणों पर ब्याज को छह महीने के लिए स्थगित किया जाए। 

यूपी सरकार पर भी साधा निशाना
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने पात्र कार्डधारकों को उनके वोटों को प्रभावित करने के लिए मुफ्त खाद्यान्न की योजना शुरू की थी, जिसे अब रोक दिया गया है। उन्होंने कहा, चुनाव के लिए ये शुरू किया गया था, इन योजनाओं के नाम पर वोट लिया गया। अब इन्हें बंद कर दिया गया है। इस दौरान एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जब बेरोजगारी और महंगाई बढ़ गई है ऐसे समय में मुफ्त राशन योजना का बंद होना राज्य सरकार के स्वार्थ और क्षुद्रता की राजनीति को उजागर करता है।

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