पिछले करीब 13 दिनों से लापता अरुणाचल प्रदेश के पहले माउंट एवरेस्ट फतह करने वाले पर्वतारोही तापी म्रा और उनके सहयोगी को खोजने के लिए गुरुवार को एक पैदल टीम रवाना हुई है। दल में 34 सदस्य हैं, जिसमें 31 सेना के जवान हैं जबकि तीन स्थानीय पर्वतारोही हैं। यह जानकारी गुरुवार को ईस्ट कामेंग जिले के डीसी प्रभिमल अभिषेक पोलुमाटला ने दी।
उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो यह टीम आठ से दस दिन की यात्रा के बाद बेस कैंप पहुंचेगी। इसके बाद लापता पर्वतारोहियों की खोज शुरू होगी। उन्होंने कहा सब कुछ मौसम पर निर्भर करेगा, क्योंकि यहां के पर मौसम पल-पल बदलता रहता है।
ईस्ट कामेंग जिला के डीसी प्रभिमल अभिषेक पोलुमाटला ने कहा कि मंगलवार को ही हमने पर्वतारोही तापी म्रा और उनके सहयोगी निको दाउ को खोजने के लिए इस टीम का गठन किया था। इस टीम में जिला प्रशासन के उच्चाधिकारी, एडीसी, कर्नल स्तर के अधिकारी, एविएशन के अधिकारी और छह नोडल ऑफिसर शामिल होंगे। इसमें मेडिकल की टीम भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि हमें इस संबंध में 26 अगस्त को जानकारी मिली थी। बीमार होकर लौटे एक पर्वतारोही ने जिला मुख्यालय में लौट कर बताया कि तापी म्रा और उनके सहयोगी निको दाउ का पिछले करीब पांच दिनों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। इसके बाद हमने तुरंत बेस कैंप के पास जो अंतिम गांव पड़ता है, वहां के लोगों से संपर्क करके भौगोलिक स्थिति का पता लगाने का प्रयास किया। क्योंकि यहां से वह स्थान बहुत दूर है। लोगों से जानकारी मिलने के बाद हमने तुरंत कार्रवाई शुरू की।
उल्लेखनीय है कि तापी (37) अरुणचल प्रदेश की ऊंची चोटियों में से एक माउंट क्यारीसाटम (6890 मीटर) पर चढ़ाई के आधिकारिक मिशन पर थे। तापी म्रा ने 21 मई 2009 को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की थी।