लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर कांग्रेस भड़क गई है। उसका कहना है कि राहुल के खिलाफ दर्ज एफआईआर सरकार की हताशा का प्रतीक है। साथ ही दावा किया कि भाजपा इस तरह के कदम ध्यान भटकाने के लिए उठा रही है क्योंकि वह जानती है कि देश भीमराव आंबेडकर का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा। वहीं, विपक्ष का कहना है कि यह एफआईआर आंबेडकर के खिलाफ है।
भाजपा विपक्ष से डरी हुई: प्रियंका
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान डॉ. बीआर आंबेडकर पर दिए बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा जानती है कि आंबेडकर के बारे में उसकी वास्तविक भावनाएं खुलकर सामने आ चुकी हैं और इसलिए वह इस मुद्दे को उठाने वाले विपक्ष से डरी हुई है।
उन्होंने कहा, 'सरकार डरी हुई है। वह बहस से डर रही है, खासकर अदाणी मामले पर और आंबेडकर का अपमान करने को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों से। हमारे संविधान के निर्माता डॉ. आंबेडकर हैं और देश आंबेडकर के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगा।'
यह सरकार की हताशा को दिखाता
राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर पर प्रियंका गांधी ने कहा, 'यह सरकार की हताशा को दिखाता है। राहुल गांधी कभी भी किसी को धक्का नहीं दे सकते और उनका इस तरह का व्यवहार असंभव है। वह मेरे भाई हैं, मैं उन्हें बहुत अच्छे से जानती हूं। वो ऐसा कभी कर ही नहीं सकते।'
उन्होंने कहा कि देश भी यह जानता है और देख रहा है कि भाजपा कितनी हताश हो गई है। वे मनमानी एफआईआर दर्ज कर रहे हैं क्योंकि वे अदाणी पर चर्चा नहीं चाहते हैं। वे जानते हैं कि देश आंबेडकर का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा। यही कारण है कि वे ध्यान भटका रहे हैं।
क्या है मामला?
गौरतलब है कि पुलिस ने गुरुवार को राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें उन्हें शारीरिक हमले और उकसाने का आरोप लगाया गया था। यह घटना संसद परिसर में हुई थी, जिसमें भाजपा सांसद घायल हो गए थे। भाजपा ने राहुल गांधी पर वरिष्ठ सांसद को धक्का देने का आरोप लगाया था, जिसे विपक्षी नेता ने साफ नकार दिया है।
'यह प्राथमिकी राहुल गांधी के नहीं बल्कि आंबेडकर के खिलाफ'
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने भी राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर सरकार पर ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने यह एफआईआर जानबूझकर आंबेडकर पर अमित शाह के बयान से ध्यान भटकाने के लिए दर्ज करवाई है।
एफआईआर के बारे में बोलते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि संसद में हाथापाई का कारण बनने वाला विरोध प्रदर्शन भाजपा द्वारा जानबूझकर किया गया था। उन्होंने कहा, 'दिल्ली पुलिस वही करेगी जो गृह मंत्री कहेंगे। जो कुछ भी मकर द्वार के सामने हुआ, वह पूरी तरह से योजनाबद्ध था। गृह मंत्री ने आंबेडकर का अपमान किया और हम सभी ने माफी की मांग की। भाजपा ने ध्यान भटकाने के लिए यह सब किया। यह एफआईआर राहुल गांधी के खिलाफ नहीं, बल्कि आंबेडकर के खिलाफ है।'
सीपीआई सांसद ने भी कांग्रेस का किया समर्थन
सीपीआई सांसद पी. संधोष कुमार ने भी कांग्रेस का समर्थन करते हुए भाजपा पर झूठा मामला दर्ज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'यह एक झूठा मामला है। हम शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन भाजपा सांसदों ने हमें रोका और धक्का दिया। इस घटना को वे आंबेडकर के अपमान से ध्यान भटकाने के लिए फैला रहे हैं। हम चुनौती देते हैं कि सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किया जाए ताकि सच्चाई सामने आए।'
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यह और कुछ नहीं बल्कि एक तुच्छ आरोप: खरगे
कर्नाटक मंत्री प्रियांक खरगे ने लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ की गई एफआईआर की निंदा की। उन्होंने कहा कि यह एक प्रेरित एफआईआर है। मुझे लगता है कि वे मणिपुर में जो हो रहा है, अदाणी मुद्दे से या गृह मंत्री अमित शाह ने आंबेडकर के बारे में जो कहा है, उससे ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं। यह और कुछ नहीं बल्कि एक तुच्छ आरोप है जो वे बनाने की कोशिश कर रहे हैं।