कांग्रेस के अंदर और बाहर राहुल गांधी के नेतृत्व क्षमता पर उठ रहे सवालों के बीच पार्टी ने उन्हें संगठन की कमान सौंपने पर चुप्पी साध ली है। वहीं सोनिया गांधी बीमारी के बावजूद नए सिरे से सक्रिय हो रही हैं। मंगलवार को सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई। उन्होंने पार्टी नेताओं को चुनावी हार से सबक लेने की नसीहत दी। साथ ही मोदी सरकार पर भी निशाना साधा।
कांग्रेस कार्यसमिति की पिछले साल हुई बैठक में राहुल के नेतृत्व में आगे बढ़ने पर सहमति बनी थी। वरिष्ठ नेताओं ने इसके लिए बाकायदा प्रस्ताव पारित किया था। माना जा रहा था कि इस बैठक में राहुल के हाथों में संगठन की कमान सौंपी जा सकती है। मगर इस मुद्दे पर पार्टी ने चुप्पी साध ली।
राज्यसभा में पार्टी के नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘कार्यसमिति की बैठक के एजेंडे में यह मुद्दा शामिल नहीं था। इस मुद्दे पर कोई बात नहीं हुई।’ कार्यसमिति में संगठन चुनाव के कार्यक्रम को हरी झंडी दे दी गई। अब 31 दिसंबर तक चुनाव प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव 2015 से लगातार टल रहा है।
उधर बीमारी के बावजूद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी राष्ट्रपति चुनाव के जरिये विपक्ष को एकजुट करने में सक्रिय हो गई हैं। खराब स्वास्थ्य के बावजूद पार्टी की सभी अहम गतिविधियों में हिस्सा ले रही हैं। दूसरे दल भी उनके नाम पर ही एक छत के नीच इकट्ठे होकर मोदी सरकार को चुनौती देने के लिए तैयार हैं। वहीं राहुल अब भी पिछली बेंच पर ही बैठकर पार्टी का कामकाज देख रहे हैं। राहुल के नेतृत्व में विपक्षी दल असहज महसूस कर रहे हैं।