कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि क्या सरकार देश को अंधेरे में रखना जारी रखेगी या देश को चीन के "अवैध कब्जे" के बारे में सच्चाई भी बताएगी। इसके अलावा भी उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाते हुए आगामी बजट सत्र में चीन के मुद्दे पर चर्चा की मांग की।
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट एक फरवरी को पेश किया जाएगा। हालांकि बजट सत्र की शुरुआत 31 जनवरी से ही हो जाएगी। इस बजट सत्र में विपक्षी दल कांग्रेस चीन के मुद्दे पर चर्चा करना चाहती है। कांग्रेस ने हाल ही में हुए डीजीपी-आईजीपी वार्षिक सम्मेलन में पेश किए गए शोध पत्र के आधार पर आरोप लगाया है कि इसमें चीन के प्रति मोदी सरकार के कमजोर रुख का खुलासा किया गया है। कांग्रेस ने संसद के बजट सत्र में इसी मुद्दे पर चर्चा की मांग की है।
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शुक्रवार को सरकार पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि क्या वह अब भी चीन से 'डरते' हैं या अभी भी देश को 'प्यार' करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार ने चीनी अवैध कब्जे और बुनियादी ढांचे के निर्माण से लगातार इनकार करके चीन को गले लगाने का काम किया है और भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पुलिस मीट में चर्चा के लिए पेश किए गए एक सुरक्षा शोध पत्र में एलएसी क्षेत्र में भारत के क्षेत्र पर चीन के अवैध कब्जे के प्रति मोदी सरकार की उदासीनता के बारे में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने 65 पेट्रोलिंग प्वाइंट में से 26 पर से अपना कब्जा खो दिया है। सवाल करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस पूछती है कि 17 दौर की सैन्य वार्ता के बाद, मोदी सरकार ने गलवान संघर्ष के लगभग तीन साल बाद भी यथास्थिति सुनिश्चित क्यों नहीं की है?
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खेड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि जब-जब कांग्रेस ने इस मुद्दे पर मोदी सरकार से सवाल किए और संसद में चर्चा की मांग की उसपर सरकार ने ध्यान नहीं दिया। खेड़ा ने आगे कहा कि क्या सरकार देश को अंधेरे में रखना जारी रखेगी या देश को चीन के "अवैध कब्जे" के बारे में सच्चाई भी बताएगी। इसके अलावा भी उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाते हुए आगामी बजट सत्र में चीन के मुद्दे पर चर्चा की मांग की।