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Politics: कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला, कहा- 20 माह से फलस्तीन पर भारत की नीति शर्मनाक और नैतिक कायरतापूर्ण

Mon, 22 Sep 2025 12:28 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 20 महीनों से भारत की फलस्तीन नीति शर्मनाक और नैतिक कायरतापूर्ण रही है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश व प्रियंका गांधी ने याद दिलाया कि भारत ने 1988 में ही फलस्तीन को मान्यता दी थी, लेकिन अब चुप्पी साध ली है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन ने हाल ही में फलस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र माना है।
 
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जयराम रमेश, महासचिव, कांग्रेस - फोटो : ANI
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विस्तार
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ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन ने फलस्तीन को एक राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद कांग्रेस ने रविवार को मोदी सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस ने कहा कि फलस्तीन पर भारत की नीति, खासकर पिछले महीनों से, 'शर्मनाक और नैतिक कायरतापूर्ण' रही है।

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कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन ने अभी-अभी फलस्तीन को एक राष्ट्र के रूप में मान्यता दी है, और जल्द ही अन्य देशों द्वारा भी ऐसा करने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि भारत ने औपचारिक रूप से 18 नवंबर, 1988 को फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता दी थी। रमेश ने इस्राइल-हमास संघर्ष का संदर्भ देते हुए एक्स पर पोस्ट में कहा, 'लेकिन फलस्तीन के संबंध में भारत की नीति- खासकर पिछले 20 महीनों से शर्मनाक और नैतिक कायरतापूर्ण रही है।'

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भारत ने 1988 में फलस्तीन को दी थी मान्यता 
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी बताया कि भारत नवंबर 1988 में फलस्तीन को एक राष्ट्र के रूप में मान्यता देने वाले दुनिया के पहले कुछ देशों में से एक था। उन्होंने एक्स पर कहा, 'उस समय, हमने सही के लिए खड़े होकर और अंतरराष्ट्रीय मंच पर मानवता और न्याय के मूल्यों को कायम रखकर दुनिया को रास्ता दिखाया।'

37 साल बाद ऑस्ट्रेलिया-कनाडा और ब्रिटेन ने भी यही किया
प्रियंका ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन ने भी 37 साल की देरी से यही किया है। उन्होंने कहा, 'और अब हम यहां हैं- पिछले 20 महीनों में फलस्तीन के प्रति हमारी नीति शर्मनाक और नैतिक शुद्धता से रहित रही है। यह पहले के साहसी रुख का एक दुखद ह्रास है।'

स्टार्मर की घोषणा के बाद आई कांग्रेस नेताओं की टिप्पणी
कांग्रेस नेताओं की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने रविवार (स्थानीय समयानुसार) को औपचारिक रूप से फलस्तीन को मान्यता देने की घोषणा की, जबकि अमेरिका और इस्राइल ने इसका कड़ा विरोध किया। इससे पहले कनाडा और ऑस्ट्रेलिया भी यह कदम उठा चुके हैं।
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पहले भी मोदी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठा चुकी कांग्रेस
कांग्रेस पहले भी मोदी सरकार की 'चुप्पी' पर सवाल उठा चुकी है और इस्राइल के खिलाफ तीखी आलोचना की है। अगस्त में, प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया था कि इस्राइल 'नरसंहार' कर रहा है और भारत सरकार चुप है। वहीं, भारत सरकार का कहना है कि वह फलस्तीन मुद्दे का शांतिपूर्ण द्वि-राष्ट्र समाधान चाहती है और बातचीत व कूटनीति से ही इसका हल संभव है।

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