कांग्रेस के कार्यक्रमों में पार्टी पदाधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारी पर प्रशांत किशोर (पीके) की टीम ने निगरानी शुरू कर दी है। यहां तक कि जिला और शहर स्तर पर होने वाली बैठकों में भी पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश पीके की टीम की ओर से जारी किए जा रहे हैं।
राहुल गांधी की किसान यात्रा पर भी पीके की टीम ने काम शुरू कर दिया है। यात्रा का सफल बनाने के लिए कार्यकर्ता और पदाधिकारियों को क्या करना है, यह पीके की टीम ही बता रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पीके की टीम अब रणनीति बनाते तक ही सीमित नहीं रह गई है, बल्कि नीति निर्देशक का काम भी कर रही है।
पार्टी आंतरिक गुटबाजी से कोई नुकसान नहीं उठाना चाहती है। पार्टी में ऐसी शिकायतें आम हैं कि पदाधिकारियों में आपस में बनती नहीं है या कार्यकर्ता संगठन से खुश नहीं है और पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त है, सो इस झंझट से छुटकारा पाने के लिए पदाधिकारियों की जिम्मेदारी परोक्ष रूप से पीके की टीम संभाल रही है।