प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने की वजह से कांग्रेस ने अपने पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ सदस्य मणिशंकर अय्यर को पार्टी से निलंबित कर दिया था। हालांकि 255 दिनों बाद पार्टी ने उनकी सदस्यता को बहाल कर दिया है। जिसकी वजह से वह भाजपा के निशाने पर आ गई है। रविवार को इस मुद्दे पर संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। जिसमें उन्होंने इसे कांग्रेस का दिखावा करार दिया था और कहा था कि कांग्रेस पार्टी इस मणि के बिना अधूरी थी और उनके आने से दोबारा पूरी हो गई है।
अय्यर की कांग्रेस में हुई वापसी पर भाजपा ने सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से पूछा है कि आखिर नौ महीने में ऐसी क्या बात हो गई कि पिछड़ी जाति के गरीब पीएम का अपमान करने वाले अय्यर का निष्कासन रद्द हो गया। पार्टी ने कहा कि शायद कांग्रेस हमेशा पाकिस्तान का समर्थन करने वाले और असंसदीय टिप्पणियों केकारण विवादों में घिरे रहने वाले अय्यर से दूर नहीं रह सकती थी।
पार्टी प्रवक्ता सांबित पात्रा ने कहा कि करीब नौ महीने पहले राहुल ने अय्यर की पीएम के खिलाफ की गई टिप्पणी को भारतीय सभ्यता संस्कृति के खिलाफ बताते हुए इसे अस्वीकार्य बताया था। अय्यर ने पीएम की पिछड़ी जाति और गरीब परिवार से होने के कारण ही उनकेखिलाफ नीच शब्द का इस्तेमाल किया था। नौ महीने अंधेरे के गर्भ में रहने के बाद उस मणि का जन्म हुआ जिस मणि के बिना कांग्रेस अधूरी थी।