बीजू जनता दल (बीजद) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक पर अपमानजनक बयान दिए जाने के बाद इस्तीफा दे दिया। भाजपा नेता निशिकांत दुबे ने हाल ही में बीजू पटनायक के खिलाफ कथित अपमानजनक बयान दिए थे। इसके विरोध में सस्मित पात्रा ने संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे दिया।
राज्यसभा के सभापति को शनिवार को लिखे एक पत्र में पात्रा ने कहा, 'विरोध स्वरूप और सैद्धांतिक तौर पर मैं निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं ऐसे व्यक्ति के अधीन सेवा जारी नहीं रख सकता, जो दिवंगत बीजू पटनायक के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करता है, जैसा कि उन्होंने आज एक सार्वजनिक बयान में किया।'
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लोकसभा के अधीन है संसदीय समिति
पत्र में बीजद नेता सस्मित पात्रा ने राज्यसभा सभापति से उक्त समिति से उनके इस्तीफे को स्वीकार करने और इसे लोकसभा अध्यक्ष को अग्रेषित करने का भी आग्रह किया। दरअसल, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी यह समिति लोकसभा के अधीन है।
निशिकांत दुबे ने क्या कहा था?
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 27 मार्च को एक बयान में दावा किया था कि 1960 के दशक में अमेरिका ने तिब्बत में अपने सैनिक और सीआईए एजेंट भेजे थे क्योंकि उसे डर था कि चीन तिब्बत पर कब्जा कर लेगा। दलाई लामा और उनके भाई लगातार अमेरिकी सरकार के संपर्क में थे। पंडित नेहरू ने पूरा युद्ध अमेरिका के पैसों और सीआईए के सहयोग से लड़ा। उस समय ओडिशा के मुख्यमंत्री बीजू पटनायक अमेरिका, सीआईए और नेहरू के बीच की कड़ी थे।
विवादित बयान पर क्या बोली बीजद?
अपने एक्स हैंडल पर सस्मित पात्रा ने भाजपा नेता के बयान पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने बीजू पटनायक के खिलाफ लगाए गए आरोपों को चौंकाने वाला, झूठा और गैर-जिम्मेदाराना बताया। पात्रा ने कहा कि बीजू पटनायक एक महान स्वतंत्रता सेनानी, दूरदर्शी नेता और धरती के लाल थे, जिनका राष्ट्र के प्रति योगदान निर्विवाद है।
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पात्रा ने इस तरह से इतिहास को विकृत करने और एक सम्मानित नेता को राजनीतिक आख्यानों के लिए बदनाम करने के प्रयासों को अस्वीकार्य और निंदनीय करार दिया। ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री को एक राष्ट्रीय प्रतीक बताते हुए बीजद नेता ने कहा कि बीजू पटनायक की विरासत हमेशा तुच्छ राजनीति से ऊपर रहेगी।
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