पांच राज्यों के चुनाव कार्यक्रम पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और असम की जनता बदलाव चाहती है। खेड़ा ने केरल में ईस्टर के करीब चुनाव तारीख घोषित करने पर भी आपत्ति जताई। साथ ही उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पर भी आरोप लगाया।
चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों के एलान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने चुनाव कार्यक्रम पर कई सवाल उठाए हैं। पार्टी नेता पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह चुनाव के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग से कई सवाल पूछे गए, लेकिन उनका जवाब नहीं मिला। साथ ही उन्होंने दावा किया कि असम की जनता मौजूदा सरकार से नाराज है और बदलाव चाहती है।
विज्ञापन
पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस चुनावी मैदान में मजबूती से उतरने के लिए तैयार है। उनका कहना है कि पार्टी निष्पक्ष चुनाव चाहती है और इसके लिए आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से हों और नतीजे भी ईमानदारी से सामने आएं। खेड़ा ने दावा किया कि खासकर असम में लोग सरकार से परेशान हैं और बदलाव के लिए तैयार हैं।
क्या असम में बदलाव की लहर का दावा?
पवन खेड़ा ने कहा कि असम की जनता मौजूदा सरकार से पूरी तरह निराश हो चुकी है। उनका कहना है कि लोगों में बदलाव की भावना मजबूत हो रही है। कांग्रेस का मानना है कि इस बार असम में जनता सरकार बदलने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि पार्टी चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरेगी और जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।
क्या तमिलनाडु में भाजपा को लेकर टिप्पणी की?
पवन खेड़ा ने तमिलनाडु की राजनीति को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में कोई भी समझदार राजनीतिक दल भाजपा के साथ हाथ नहीं मिलाएगा। उनका कहना है कि वहां की राजनीति और जनता की सोच अलग है। इसलिए भाजपा के लिए वहां गठबंधन बनाना आसान नहीं होगा।
क्या केरल के चुनाव कार्यक्रम पर भी सवाल उठाए गए?
खेड़ा ने केरल में चुनाव की तारीखों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ईस्टर का त्योहार करीब है और ऐसे समय में चुनाव की तारीख तय करते समय संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी। उनका कहना है कि चुनाव आयोग को तारीखें तय करने से पहले सभी पक्षों से व्यापक बातचीत करनी चाहिए थी ताकि स्थानीय भावनाओं का सम्मान हो सके।
क्या मतदाता सूची पुनरीक्षण पर भी सवाल उठाए?
पवन खेड़ा ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों के अनुभव से लगता है कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया जा रहा है। उनका आरोप है कि मतदाता सूची से नाम हटाने की कार्रवाई जानबूझकर और निशाना बनाकर की जा रही है। इसलिए कांग्रेस इस प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठा रही है।