पेट्रोल डीजल की कीमतों में हो रही लगातार वृद्धि के लिए कांग्रेस ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी का कहना है कि बीते सालों में केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 258 प्रतिशत और डीजल पर 820 प्रतिशत बढ़ाई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तंज कसते हुए ट्वीट किया है कि मोदी सरकार के विकास का ये हाल है कि अगर किसी दिन पेट्रोल-डीजल के दाम ना बढ़ें तो ज्यादा बड़ी खबर बन जाती है।
जनता के लिए आहत योजना लेकर आई है सरकार: प्रियंका
वहीं, महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा कि कोरोना संकट के बीच जनता की आशा थी सरकार उन्हें राहत देगी, लेकिन सरकार उनके लिए ‘आहत योजना’ लेकर आई है। 2021 में 52 बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ चुके हैं। सरसों का तेल, रिफाइंड, अरहर, मूंग दाल व चीनी के दामों में आग लगी हुई है। जनता अपना पेट काट रही है, मोदी सरकार जेब काट रही है।
प्रो. गौरव वल्लभ ने कहा कि 2014 में जो एक्साइज ड्यूटी प्रति लीटर पेट्रोल पर 9.20 रुपये थी आज 32.90 रुपये है। वहीं डीजल पर 3.46 रुपये थी आज 31.80 रुपये हो गई। सरकार से जब सवाल पूछा जाता है, तो उत्तर मिलता है, कि डायनेमिक प्राइसिंग है। अगर डायनेमिक प्राइसिंग होती तो जब 5 राज्यों के चुनाव थे अभी ढाई-तीन महीने पहले उस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 720 रुपये प्रति बैरल बढ़ी। उस दौरान कच्चे तेल की कीमत 720 रुपये प्रति बैरल बढ़ी और उस दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ी नहीं, उल्टी कम हो गई।
उन्होंने कहा कि डायनेमिक प्राइसिंग नहीं है, ये पॉलीटिकल प्राइसिंग है। पिछले साल 30 डालर प्रति बैरल पर कच्चा तेल पहुंच गया था, जो अभी 72 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास चल रहा है। जब 30 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा तो क्या हिंदुस्तानियों को देश के लोगों को एक पैसे का भी फायदा दिया क्या।