डीजीपी मुक्तेश चंदेर ने कहा कि जांच के आदेश दिया जाना अभी बाकी है। जांच से संबंधित हमें कुछ भी नहीं मिला है। प्रदेश भाजपा में बदलाव की बात करने वाले पारसेकर कहते हैं कि टेप कांड पार्टी के लिए मुश्किल की घड़ी है, इसने लोगों के दिमाग में कन्फूजन पैदा कर दिया है।
भाजपा के सहयोगी गोमांतक पार्टी के नेता और गोवा के पीडब्ल्यूडी मंत्री सुदीन धवलीकर का जिक्र भी इस टेप में हुआ है मगर उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
धवलीकर को मुख्यमंत्री पद का दावेदार भी माना जाता है। उन्होंने कहा कि खनन बंद होने के बाद प्रदेश वित्तीय समस्या से जूझ रहा है। कई विकास कार्यों पर इसका असर पड़ा है। कोई भी मुख्यमंत्री काम नहीं कर पाएगा जब तक यह मुद्दा नहीं हल होता और खदान दोबारा नहीं खोले जाते। हमें पहले यह समस्या सुलझानी है। प्रधानमंत्री मोदी से भी इस मुद्दे पर मुलाकात होने वाली है।
जनजातीय मामलों के मंत्री गोविंद गौड़े ने टेप के मुद्दे पर बोलने से इंकार कर दिया मगर कहा कि हमें पहले बेरोजगारी की समस्या को हल करना है। मेरे क्षेत्र में भी यह समस्या है। मैं कई जगहों पर इस बात को उठा चुका हूं। स्पीकर प्रमोद सावंत, जिनका नाम इस टेप में लिया गया था उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
लोबो ने कहा कि पार्टी इस बात को लेकर खुश है कि पर्रिकर अब सचिवालय में वापस आ गए हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री मंत्रियों की तरह नहीं अपने क्षेत्र के मंत्री की तरह व्यवहार कर रहे हैं। हमें विकास को लेकर दीर्घकालीन सोच और चर्चा की जरूरत है। विपक्ष प्राथमिकता वाले मुद्दों को उठा रहा है। यह साल पर्यटन के लिए काफी बुरा रहा है।