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लद्दाख पर कांग्रेस के सवाल: खरगे ने गलवां का जिक्र कर सरकार को घेरा, राहुल बोले- फायरिंग की न्यायिक जांच हो

Wed, 01 Oct 2025 06:50 AM IST
ज्योति भास्कर अमर उजाला ब्यूरो, लेह/जम्मू/नई दिल्ली।

सार

लेह-लद्दाख के मौजूदा हालात पर कांग्रेस पार्टी ने तीखे सवाल पूछे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गलवां घाटी में भारत के 20 सैनिकों के बलिदान का जिक्र कर सरकार को घेरा है। दूसरी तरफ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गोलीबारी की न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की है। इन सबके बीच कर्फ्यू में सात घंटे की ढील दिए जाने के बाद लेह में जनजीवन पटरी पर लौट रहा है।
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लद्दाख की परिस्थितियों पर पूरे देश की नजर - फोटो : अमर उजाला प्रिंट / एजेंसी
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विस्तार
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हिंसा से उपजे हालात के बाद अब लेह में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। मंगलवार को स्कूल-कॉलेज बंद रहे लेकिन कर्फ्यू में सुबह 10 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक सात घंटे की ढील दी गई। आवश्यक वस्तुओं की दुकानों पर भीड़ लगी रही। हालांकि, इस सबके बीच पुलिस और सीआरपीएफ की तैनाती पूर्ववत जारी रही। केंद्रीय संयुक्त सचिव की ओर से लेह में इंटरनेट सेवा तीन अक्टूबर तक बंद रहने का आदेश जारी किया गया है। प्रदेश के ताजा हालात पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उन्होंने एक्स हैंडल पर लिखे एक पोस्ट में कहा, लद्दाख का दुख पूरे देश का दुख है।

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उन्होंने केंद्र सरकार से तीखे सवाल भी किए। खरगे ने पूछा, शहीद त्सेवांग थरचिन ने कारगिल युद्ध में भारत माता के प्रति अपना कर्त्तव्य निभाया बदले में मिला क्या? लद्दाख में मोदी सरकार की गोली । उन्होंने दावा किया, गलवां में जब हमारे 20 वीर जवानों ने लद्दाख के एलएसी पर देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी, तब स्वयं मोदी ने चीन को क्लीनचिट थमाई थी। तब उन्हें हमारे जांबाजों की वीरता की याद न आई, तो अब क्या खाक आएगी। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, जो चीन को क्लीनचिट दे सकते हैं, वो हमारे थरचिन जैसे वीर जवानों के बललान का मान क्या रखेंगे?
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गोलीबारी की न्यायिक जांच हो : राहुल
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लद्दाख में हुई हिंसा में एक पूर्व सैनिक के मारे जाने का हवाला देते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस केंद्रशासित प्रदेश के लोगों साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को हिंसा और डर की राजनीति बंदकर संवाद करना चाहिए और प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए।

थरचिन के पिता का एक वीडियो साझा किया
बता दें कि बीते 24 सितंबर को हुई हिंसा में कारगिल युद्ध में भाग लेने वाले पूर्व सैनिक त्सेवांग थरचिन की भी मौत हो गई थी। राहुल गांधी ने एक पोस्ट में थरचिन के पिता का एक वीडियो साझा किया। उन्होंने कहा, पिता फौजी, बेटा भी फौजी, जिनके खून में देशभक्ति बसी है। फिर भी भाजपा सरकार ने देश के वीर बेटे की गोली मारकर जान ले ली, सिर्फ इसलिए क्योंकि वह लद्दाख और अपने अधिकार के लिए खड़ा था।

गौरतलब है कि लेह में मंगलवार को कर्फ्यू लगे एक सप्ताह पूरा हो गया। किसी केंद्र शासित प्रदेश ने पहली बार इतने लंबे समय तक कर्फ्यू की स्थिति का सामना किया है। गत 24 सितंबर को लेह में हुए हिंसक प्रदर्शन और आगजनी की घटनाओं के बाद यहां कर्फ्यू लगाया गया था। मंगलवार को कर्फ्यू में करीब सात घंटे की ढील रही तो बाजार में आम दिनों से ज्यादा लोग निकले। सब्जी, राशन आदि की दुकानों पर खास तौर पर भीड़ नजर आई। उधर, नई दिल्ली स्थित नॉर्थ कैंपस में विभिन्न राज्यों के लद्दाखी छात्रों ने शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन किया।
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केडीए का भी केंद्र से वार्ता से इन्कार...
कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) ने लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) के फैसले से इत्तेफाक जताते हुए लद्दाख में सामान्य स्थिति बहाल हो जाने तक  केंद्र के साथ किसी भी तरह की बातचीत से इन्कार किया है।

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