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Karnataka: अधूरा भाषण देकर राज्यपाल के सदन से जाने का कांग्रेस ने किया विरोध, भाजपा ने गहलोत का किया समर्थन

Thu, 22 Jan 2026 03:59 PM IST
संध्या न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

कर्नाटक विधानसभा में राज्यपाल थावरचंद गहलोत के अधूरेअभिभाषण के बाद बवाल खड़ा हो गया है। कांग्रेस के राज्यपाल का विरोध करने के बाद अब भाजपा उनके समर्थन में आ गई है।
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कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत और सीएम सिद्धारमैया - फोटो : पीटीआई/एएनआई
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विस्तार
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कर्नाटक विधानसभा के संयुक्त सत्र में राज्यपाल  थावरचंद गहलोत ने पहले भाषण देने से मना किया था। लेकिन आज वे भाषण देने विधानसभ पहुंचे तो  पूरा अभिभाषण पढ़े बिना ही चले गए। गहलोत ने राज्य विधानसभा के संयुक्त सत्र में सिर्फ दो लाइन पढ़कर अपना पारंपरिक भाषण खत्म किया। इसके बाद कर्नाटक में कांग्रेस और राज्यपाल के बीच विवाद देखने को मिल रहा है। कर्नाटक सरकार ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाए थे उसे राज्यापाल ने आपत्तिजनक बताते हुए पढ़ने से मना कर दिया। अब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने सरकार द्वारा तैयार भाषण को पूरा न पढ़ने पर राज्यपाल का बचाव किया है। विजयेंद्र ने कांग्रेस पर लोगों में गुस्सा भड़काने के लिए सदन का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। 

जब राज्यपाल सदन से बाहर जा रहे थे तब विधायकों ने उनका विरोध किया। इस पर विजयेंद्र ने राज्यपाल पर हमला करे की कोशिश के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। 

विजयेंद्र ने पीटीआई से कहा आज राज्यपाल ने जो किया वह सही है। उन्होंने सही फैसला लिया है। उन्होंने अपनी ड्यूटी निभाई है, जबकि कांग्रेस सरकार का राज्यपाल का अपमान करना सही नहीं है। सत्ताधारी पार्टी के विधायकों का राज्यपाल पर हमला करने की कोशिश करना पूरी तरह से गैर-कानूनी है। इसलिए मैं मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मांग करता हूं कि वे उन विधायकों के रवैये के लिए माफी मांगें।

कांग्रेस सरकार के राज्यपाल के रवैये के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने के विचार के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा यह उन पर है, लेकिन सिद्धारमैया ऐसे काम कर रहे हैं जैसे वह कांग्रेस पार्टी के मुख्यमंत्री हों। उन्होंने कहा सिद्धारमैया को याद दिला दूं कि वह कर्नाटक के मुख्यमंत्री हैं, कांग्रेस पार्टी के नहीं। 

विधानसभा में विपक्ष के नेता ने किया राज्यपाल का बचाव

विधानसभा में विपक्ष के नेता, आर अशोक भी गहलोत के बचाव में आए और आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने राज्यपाल का अपमान करके और संविधान का अपमान करके विशेष सत्र को काला दिन बना दिया।

उन्होंने कहा की स्पीकर यू टी खादर को एक पत्र लिखा है जिसमें विधानसभा और विधान परिषद के उन सदस्यों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है जिन्होंने गवर्नर के बाहर निकलने के दौरान गलत व्यवहार किया।

पीटीआई से बात करते हुए अशोक ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने आज के दिन को काला दिन बना दिया है। उन्होंने कहा राज्यपाल राज्य और केंद्र सरकारों के बीच एक पुल का काम करते हैं। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने भाषण दिया और धन्यवाद देकर चले गए। पहले, हंसराज भारद्वाज ने भी ऐसा ही किया था। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

सदन की नियम पुस्तक के पेज 13 पर 27वें क्लॉज का हवाला देते हुए, अशोक ने कहा इसमें लिखा है जब वह बोल रहे हों तो कोई भी सदस्या बीच में नहीं बोलेगा। अगर ऐसा किया जाता है, तो इसे सदन का उल्लंघन माना जाना चाहिए। इसलिए, स्पीकर यू टी खादर को गलती करने वाले सदस्यों को सजा देनी चाहिए और उन्हें सदन से निकाल देना चाहिए। 

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